अधिकारी ने कहा कि अगर ईरान से तेल आपूर्ति पूरी तरह बंद कर दी जाए तब भी घरेलू कंपनियों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। हालांकि, भारत अपने पारंपरिक आपूर्तिकर्ता ईरान से तेल खरीदना जारी रखेगा। पिछले सप्ताह पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बताया था कि इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन और मंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल ईरान के साथ नवंबर के लिए 12.5 लाख टन कच्चे तेल का सौदा कर चुकी हैं। यह भी विचार किया जा रहा है कि ईरान को रुपये में भुगतान किया जाए।
हर साल किए जाते हैं अतिरिक्त तेल आपूर्ति सौदे
जोखिम वाले पांच महीनों के दौरान सऊदी और ईराक समेत अन्य आपूर्तिकर्ताओं से किए गए सौदे मंगाकर भरपाई की जा सकती है। अधिकारी ने बताया कि हर साल जब अनुबंधित आपूर्तिकर्ताओं से सौदे किए जाते हैं तो अतिरिक्त वैकल्पिक समझौते भी होते हैं। ये अतिरिक्त सौदे अचानक पैदा होने वाली दिक्कत से निपटने में मददगार होते हैं। इस तरह के सौदे पांच महीने के लिए ईरान से किए गए सौदे से कहीं ज्यादा हैं।