फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोविड-19: भारत कोरोना टीकों पर पेटेंट छूट को लेकर जल्द चाहता है फैसला

Sun, 05 Sep 2021 05:34 AM IST
Jeet Kumar एजेंसी, नई दिल्ली।

सार

गोयल ने कहा कि ब्रिक्स देशों को बहुस्तरीय तंत्र की मजबूती के लिए मिलकर काम करना चाहिए। साथ ही उन्होंने आगामी डब्ल्यूटीओ मंत्रिस्तरीय सम्मेलन में एक संतुलित व समावेशी परिणाम सामने आने की जरूरत जाहिर की।
 
विज्ञापन
कोरोना वैक्सीन (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : PTI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भारत ने कोरोना टीकों और चिकित्सकीय व नैदानिक उपकरणों से जुड़े अपने ट्रिप्स वेवर (पेटेंट छूट) प्रस्ताव पर विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) से जल्द निर्णय चाहता है।

विज्ञापन


सरकार की तरफ से शनिवार को बताया गया कि केंद्रीय उद्योग व व्यापार मंत्री पीयूष गोयल ने ब्रिक्स देशों के वाणिज्य व वित्त मंत्रियों की बैठक में इस प्रस्ताव पर जल्द फैसले लेने की जरूरत पर जोर दिया।

गोयल ने शुक्रवार को आयेाजित इस बैठक में टीकों पर पेटेंट छूट पर जल्द फैसले के अलावा खाद्य सुरक्षा उद्देश्यों के लिए पब्लिक स्टॉक होल्डिंग प्रोग्राम के लिए एक स्थायी, पर्याप्त और न्यायसंगत समाधान की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
विज्ञापन


उन्होंने डाटा संरक्षण व साइबर सुरक्षा चुनौनियों का समाधान खोजते हुए तेजी से बदल रही दुनिया में उभरती नई तकनीकों के उपयोग की भी वकालत की। साथ ही टिकाऊ खपत व उत्पादन पैटर्न को सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।

भारत व द. अफ्रीका ने रखा है टीकों से पेटेंट हटाने का प्रस्ताव
भारत और दक्षिण अफ्रीका ने पिछले साल अक्तूबर में डब्ल्यूटीओ को एक प्रस्ताव दिया था, जिसमें कोविड-19 (कोरोना वायरस) महामारी को रोकने या इसके उपचार से जुड़ी चीजों पर ट्रिप्स एग्रीमेंट के कुछ प्रावधानों में छूट दिए जाने का आग्रह किया गया था। इस साल मई में भारत, दक्षिण अफ्रीका व इंडोनेशिया के साथ 62 सह प्रायोजकों ने एक संशोधित प्रस्ताव डब्ल्यूटीओ के सामने रखा था।

इस प्रस्ताव पर अभी तक निर्णायक फैसला नहीं हो सका है। पेटेंट छूट मिलने की स्थिति में सभी तरह के उपलब्ध टीकों, दवाइयों और संबंधित उपकरणों का निर्माण किसी भी देश की कोई भी कंपनी कर सकेगी।

भारत और अफ्रीका का कहना है कि ऐसा होने पर जल्द से जल्द ज्यादा मात्रा में दवाइयां व टीके उपलब्ध हो सकेंगे, जिससे गरीब देशों में भी टीकाकरण अभियान तेजी से चलाकर इस महामारी को खत्म किया जा सकेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें