पाकिस्तान और चीन सीमा पर सड़क नेटवर्क और मजबूत किया जाएगा। सीमा सड़क संगठन ने इसके लिए कार्ययोजना तय की है। इसके तहत जम्मू कश्मीर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) और चीन के वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) इलाके में प्रस्तावित सड़कों पर काम तेज किया जा रहा है।
जम्मू कश्मीर का लद्दाख साल में छह महीने सड़क संपर्क से कट जाता है लिहाजा पूरे साल खुली रहने वाली सड़क के निर्माण की योजना बनाई जा रही है। सीमा सड़क संगठन के तहत फिलहाल 198 सड़क परियोजना लंबित हैं। इन योजनाओं को पूरा करने के लिए बाधाएं दूर करने का प्रयास चल रहा है। सूत्रों के मुताबिक श्रीनगर -कारगिल -लेह सड़क पर अबतक 956 करोड़ 99 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
अनुमानित लागत 1092 करोड़ रुपये हैं। कुल 418 किलोमीटर लंबी इस सड़क परियोजना के 2019 तक पूरा होने की संभावना है। इसी तरह मनाली -सारछु -उपसी- लेह सड़क को 2020 तक पूरा होने की संभावना है। इस सड़क की लंबाई 472 किलोमीटर होगी।
कुल 1055 करोड़ की लागत वाली इस सड़क पर अबतक 713 करोड़ 54 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं। लद्दाख को बारहमासी सड़क संपर्क उपलब्ध कराने के लिए मनाली-सारछु-लेह मार्ग पर 8.802 किलोमीटर लंबी रोहतांग सुरंग का निर्माण चल रहा है। इसे अगस्त 2019 तक पूरा किया जाना है। इसके अलावा इस मार्ग पर बारालछला सुरंग और तंगलागला सुरंग तथा निम्मू- पद्म-दारचा मार्ग पर शिकुला सुरंग की व्यवहारिकता का अध्ययन कराने का निर्णय लिया गया है।