ब्रिटेन के लोगों ने शुक्रवार को यूरोपीय संघ से बाहर होने का फैसला किया है। ब्रिटेन के इस फैसले से खाली ब्रिटेन ही नही बल्कि बाकी दुनिया पर भी असर होगा और उससे भारत भी अछूता नहीं है।
भारत पर इस फैसले का असर जरूर देखने को मिलेगा। शेयर मार्केट के हिसाब से जहां यह ठीक नहीं है, वहीं आने वाले वक्त में इससे व्यापार के नए रास्ते खुल सकते हैं।
हालांकि, वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आश्वासन दिया है कि उनकी तरफ से किसी भी संकट से निपटने के लिए प्लान बना लिया गया है। अब देखना होगा वित्त मंत्रालय इस स्थिति से कैसे निपटता है। लेकिन आइए जानते हैं ब्रिटेन के यूरोपीय संघ से अलग होने पर भारत और भारतीयों पर क्या होगा असर।
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यह होंगे नुकसान
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पाउंड-डॉलर पर होगा असर
ब्रिटेन के यूरोप से अलग होने के फैसले के साथ ही पाउंड की स्थिति डॉलर के मुकाबले कमजोर हो गई। डॉलर के मजबूत होने पर रुपए की कीमत गिरना लगभग तय है।
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यह होंगे नुकसान
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पेट्रोल
कच्चे तेल की खरीद डॉलर में की जाती है। इस वजह से डॉलर के मंहगे होने पर कच्चा तेल भी महंगा हो जाएगा। इससे पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ेंगे।
यह होंगे नुकसान
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जगुअार
ब्रिटेन में 800 भारतीय कंपनियां हैं। यूके के ईयू से बाहर होने पर इनके कारोबार पर असर पड़ेगा, क्योंकि इसमें ज्यादातर यहां रहकर ओपन यूरोपीय मार्केट में बिजनेस करती हैं।इसमें टाटा मोटर्स भी शामिल है।
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यह होंगे नुकसान
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लंदन में भ्ाारतीय
एक बड़ी समस्या तब पैदा होगी जब यूरोप के देश अपने रास्ते ब्रिटेन के लोगों के लिए बंद कर लेंगे।
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यह होंगे नुकसान
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ब्रिटेन में भ्ाारतीय
अबतक तो यूरोप में रह रहे लोग एक दूसरे देश में बिना किसी रुकावट, बॉर्डर या वीजा के जा रहे थे। अगर यूरोप ने नए नियम लागू कर दिए तो भारतीय कंपनियों को यूरोप में घुसने के नए रास्ते बनाने होंगे। ऐसे में ब्रिटेन के यूरोप से अलग होने पर यूरोप के देशों से नए करार करने होंगे। इससे खर्च बढ़ेगा और अलग-अलग देशों के अलग अलग नियम-कानून से जूझना होगा।
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यह होंगे नुकसान
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कॉलसेंटर
आईटी कंपनी ने ब्रिटेन के बाहर होने पर आईटी सेक्टर में 108 बिलियन डॉलर का नुकसान होने की बात कही थी। उन्होंने यह भी कहा था कि यह आर्थिक संकट साल-दो साल के लिए ही होगा। इसके साथ ही भारतीय आईटी सेक्टर के 6 से 18 फीसद कमाई ब्रिटेन से ही होती है जोकि अब प्रभावित हो सकती है।
यह होंगे नुकसान
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मोदी-कैमरन
जनमत संग्रह के नतीजों से भारत मे सबसे ज्यादा निराशा दो राज्य के लोगों मे हुई है। गोवा और पुड्डुचेरी। ब्रिटेन के संख्यिकी कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार वहाँ लगभग 20 हजार गोवा के लोग हैं जिनके पास पुर्तगाल का पासपोर्ट है और जो ब्रिटेन में काम कर रहे हैं। पुर्तगाल के पासपोर्ट की वजह से वो ब्रिटेन में बेरोकटोक काम करते आ रहे थे। लेकिन अब उनकी मुश्किलें बढ़ जाएंगी।
उसी तरह फ्रांस का उपनिवेश रह चुका पुड्डुचेरी दूसरा ऐसा भारतीय राज्य है जहां काफी लोगों के पास फ्रांस का पासपोर्ट है जिसकी वजह से रोजगार के लिए उनका ब्रिटेन आना जाना बेरोकटोक जारी है।
(Published by Abhishek)