अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने भारतीय मूल के अमेरिकी कार्यकारी अजय बंगा को विश्व बैंक का नया अध्यक्ष बनाने के लिए नामित किया है। वहीं भारत ने भी उनके नामांकन का समर्थन किया है। भारत ने गुरुवार को विश्व बैंक के अध्यक्ष पद के लिए अजय बंगा की उम्मीदवारी का समर्थन करते हुए कहा कि उनका नामांकन ऐसे समय में हुआ है जब विश्व बैंक अगली पीढ़ी के सुधारों पर विचार कर रही है।
वित्त मंत्रालय ने ट्वीट कर कहा कि अजय बंगा को विश्व बैंक का नेतृत्व करने के लिए नामित किए जाने पर बधाई। भारत अजय बंगा के नामांकन का समर्थन करता है और विश्व बैंक उनके नेतृत्व के लिए तत्पर है।
विश्व बैंक के अब तक के सभी 13 अध्यक्ष अमेरिकी नागरिक रहे हैं। एकमात्र अपवाद बल्गेरियाई नागरिक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा है, जिन्होंने 2019 में विश्व बैंक के कार्यवाहक अध्यक्ष के रूप में कार्य किया था। संयुक्त राज्य अमेरिका और विश्व बैंक की अध्यक्षता के बीच यह संबंध कोई इत्तेफाक नहीं है।
अमेरिका बैंक में सबसे बड़ा शेयरधारक है। उसके पास विश्व बैंक में सबसे अधिक 16.35 प्रतिशत हिस्सेदारी है और 15 प्रतिशत से अधिक वोट हैं। संयुक्त राज्य अमेरिका बैंक की संरचना में कुछ बदलावों पर वीटो पावर वाला एकमात्र देश भी है।
'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' की एक रिपोर्ट में विश्व बैंक पर अमेरिका के प्रभुत्व के बारे में बताते हुए कहा गया है कि अमेरिका ने इस नियुक्ति का इस्तेमाल दुनिया भर में अमेरिकी आर्थिक हितों, शक्ति और विकास प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने के लिए किया है।
वास्तव में अमेरिका को 2011 तक राष्ट्रपति पद के लिए कोई चुनौती नहीं मिली। उसके बाद "पारदर्शी, योग्यता-आधारित प्रक्रिया (Transparent, Merit-Based Process)" के लिए विश्व बैंक की प्रणाली में बदलाव किया गया।