भारत ने रणनीतिक जरूरत को देखते हुए अमेरिका में अपना कच्चा तेल भंडार रखने का फैसला किया है। इस पर दोनों देशों के बीच बातचीत अंतिम चरण में है। पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि इसके तहत किसी आपात स्थिति में तेल मंगाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने रणनीति तेल भंडार के लिए आपसी सहयोग के समझौते पर हस्ताक्षर किए।
अमेरिका के पास रणनीतिक मामलों के लिए 41.4 करोड़ बैरल तेल भंडारण की क्षमता है। भारत की क्षमता केवल 3.8 करोड़ बैरल कच्चे तेल के भंडारण की है, वह भी तीन ठिकानों पर। यह केवल साढ़े नौ दिन की जरूरत पूरी की जा सकती है।