भारत और सर्बिया के बीच 8वां विदेश कार्यालय परामर्श शुक्रवार को दिल्ली में आयोजित किया गया। इस दौरान दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों की व्यापक समीक्षा की। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि भारत और सर्बिया ने आपसी हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया, जिसमें भारत के पड़ोस में घटनाक्रम, यूक्रेन और संयुक्त राष्ट्र के मुद्दे शामिल हैं। जी-20 अध्यक्ष के तौर पर भारत की प्राथमिकताओं, और ग्लोबल साउथ के मुद्दे को उठाने के उसके प्रयास को भी सर्बियाई पक्ष के साथ साझा किया गया।
विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि दिल्ली में आयोजित आठवें विदेशी कार्यालय परामर्श में दोनों पक्षों ने भारत के पड़ोस में घटनाक्रम और यूक्रेन की स्थिति पर भी चर्चा की। विदेश मंत्रालय ने कहा कि व्यापार और आर्थिक संबंधों, रक्षा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, अनुसंधान एवं विकास, फार्मास्यूटिकल्स, कृषि, संस्कृति जैसे हित के क्षेत्रों को कवर करते हुए मौजूदा द्विपक्षीय संबंधों की व्यापक समीक्षा की गई। इस दौरान दोनों पक्षों ने बहुपक्षीय मंचों में अपने मजबूत सहयोग पर भी संतोष व्यक्त किया।
बयान में कहा गया था कि दोनों पक्षों ने भारत के पड़ोस में घटनाक्रम, यूक्रेन और संयुक्त राष्ट्र की स्थिति सहित आपसी हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। जी-20 के अध्यक्ष के रूप में भारत की प्राथमिकताओं और ग्लोबल साउथ के मुद्दे को उठाने के प्रयास को भी सर्बियाई पक्ष के साथ साझा किया गया।
भारत-नीदरलैंड साइबर संवाद
वहीं, भारत और नीदरलैंड ने साइबर क्षेत्र में अपने सहयोग का विस्तार करने के तरीकों पर चर्चा की। विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों पक्षों ने शुक्रवार को नई दिल्ली में हुई दूसरी साइबर वार्ता में साइबरस्पेस में महत्व के समसामयिक विषयों के साथ-साथ आपसी हित के हाई-प्रोफाइल मुद्दों पर चर्चा की।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि दूसरा भारत-नीदरलैंड साइबर संवाद वैश्विक साइबर स्पेस में हाल के घटनाक्रम के संदर्भ में और भारत और नीदरलैंड के बीच व्यापक और गहरा साइबर सहयोग बनाने के लिए आयोजित किया गया था। बयान में कहा गया है कि साइबर संवाद ने दोनों देशों को साइबरस्पेस में महत्व के समकालीन विषयों के साथ-साथ आपसी हित के कई हाई-प्रोफाइल मुद्दों पर चर्चा करने के लिए मंच प्रदान किया।
मंत्रालय ने कहा कि संवाद में रणनीतिक प्राथमिकताएं, साइबर खतरे का आकलन, अगली पीढ़ी के दूरसंचार, क्षमता निर्माण और बहुपक्षीय मंचों में सहयोग, और संयुक्त राष्ट्र में साइबर में नवीनतम घटनाक्रम शामिल थे। इस दौरान भारत और नीदरलैंड संबंधित हितधारकों की भागीदारी के साथ आगे सहयोग के अवसरों को तलाश करने पर सहमत हुए।
विदेशी जेलों में बंद हैं 8343 भारतीय
विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने शुक्रवार को लोकसभा में बताया कि दुनियाभर की अलग-अलग जेलों में कम से कम 8,343 भारतीय कैदी बंद हैं। उन्होंने बताया, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में सबसे अधिक 1,926 भारतीय कैदी हैं, इसके बाद सऊदी अरब में 1,362 और नेपाल में 1,222 कैदी हैं। उन्होंने कहा कि भारत ने 31 देशों के साथ सजायाफ्ता व्यक्तियों (टीएसपी) के हस्तांतरण के समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।