मानवाधिकारों पर शेखी बघारने वाले पाकिस्तान को भारत ने एक बार फिर करारा जवाब दिया है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग में राइट टू रिप्लाई के दौरान भारत ने साफ लहजे में कहा कि पाकिस्तान अपने यहां मानवाधिकारों की चिंता करे। वहां न तो लोकतंत्र बचा है और न ही मानवीय मूल्य। लेकिन विडंबना यह है कि पाकिस्तान जैसा कट्टरपंथी और असफल राज्य भारत को लोकतंत्र और मानवाधिकार पर ज्ञान दे रहा है।
भारत ने अपने जवाब में कहा कि पूरी काउंसिल ने पाकिस्तानी डेलीगेट्स को बिना वजह अपनी शेखी बघारते हुए देखा है। यह उनकी हताशा और मानसिक स्थिति को दर्शाता है। भारत ने एक बार फिर साफ किया की जम्मू-कश्मीर फिर चाहें वह पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर ही क्यों न हो, भारत का अभिन्न हिस्सा है और हमेशा रहेगा।