राजेंद्र अरुण गोयल ने 1982 में एम.बी.सी. रेडियो पर रामायण की व्याख्या पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम ‘मंथन’ आरंभ किया। लोगों ने इसे खूब सराहा। यह कार्यक्रम ‘मानस मंथन’ के नाम से अब तक जारी है। इस कार्यक्रम की लोकप्रियता से रामकथा की शुरुआत हुई। वर्ष 2000 में रामकथा को विश्व स्तर पर प्रसारित करने के उद्देश्य से ‘रामायण सेंटर’ की स्थापना की।
स्कूली बच्चों के पाठ्यक्रम में शामिल हुई रामायण
रामायण सेंटर के शुरु होने का ये प्रभाव हुआ कि रामायण को वहां के स्कूली पाठ्यक्रम का हिस्सा भी बनाया गया है। रामायण की इसी लोकप्रियता ने इस देश में रामायण सेंटर की नींव रखी है। हालांकि, बाद उन्होंने रामयण सेंटर की ब्रांच अपने गांव समेत कई अन्य स्थानों पर भी बनाई।