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MEA: 'हमारी अपनी अलग सोच है', 'रणनीतिक स्वायत्तता' पर भारत का अमेरिका को जवाब; बांग्लादेश के हालातों पर भी नजर

Fri, 19 Jul 2024 05:32 PM IST
मिथिलेश नौटियाल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि रणनीतिक स्वायत्तता के मामले में भारत की भी अपनी अलग सोच है। उधर जायसवाल ने इस बात पर भी जोर दिया कि भारत, बांग्लादेश के हालातों पर लगातार नजर बनाए हुए है। 

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रणधीर जायसवाल और एरिक गार्सेटी - फोटो : ANI
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विस्तार
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हाल ही में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस का दौरा किया था। इसके बाद से अमेरिका लगातार भारत को लेकर बयानबाजी कर रहा है। इस बीच, भारत में अमेरिकी राजदूत एरिक गार्सेटी ने कहा था कि संघर्ष के समय रणनीतिक स्वायत्तता मायने नहीं रखती। अब भारत ने अमेरिका को उसी की भाषा में जवाब दिया है। 

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हम अपनी रणनीतिक स्वायत्तता का मान रखते हैं- जायसवाल
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ‘भारत भी उन देशों में शामिल है, जो अपनी रणनीतिक स्वायत्तता का मान रखते हैं। जाहिर है कि अमेरिका के राजदूत को अपनी बातें रखने का अधिकार है। इस मामले में भारत की भी अपनी अलग सोच है। अमेरिका के साथ हमारी वैश्विक रणनीतिक साझेदारी के तहत, एक-दूसरे के नजरियों का सम्मान करने साथ, हम एक दूसरे के मुद्दों पर सहमति और असहमति जता सकते हैं।’  



‘दोनों देशों के बीच चर्चा करने के लिए कई मुद्दे हैं’
भारत अमेरिका के संबंधों पर रणधीर जायसवाल ने कहा, ‘भारत-अमेरिका के बीच रणनीतिक, वैश्विक साझेदारी है। दोनों देशों के पास चर्चा करने के लिए बहुत सारे मुद्दे हैं। दोनों पक्षों के बीच कई विषयों पर एक-दूसरे के साथ बातचीत होती रही है। जो भी एक-दूसरे के हित में है, उस मुद्दे पर चर्चा की जाती है। राजनयिकों के बीच बातचीत की जानकारी देना हमारी कार्य प्रणाली नहीं है।’
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‘हम कई माध्यमों से यूक्रेन के साथ जुड़े हैं’
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ‘आज भारत के विदेश मंत्री ने यूक्रेन में अपने समकक्ष से बात की है। इस दौरान आपसी हितों से जुड़े द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की गई। हम यूक्रेन के साथ कई तरह से जुड़े हुए हैं। हम एक दूसरे के साथ अलग अलग मुद्दों पर बातचीत करते रहते हैं। भारत के प्रधानमंत्री शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए रूस गए थे। उन्होंने साफ कर दिया था कि किसी भी संघर्ष का हल युद्ध क्षेत्र में नहीं किया जा सकता। उन्होंने उस दौरान संंयुक्त वार्ता में स्पष्ट कर दिया था कि महिलाओं, बच्चों और आम नागरिकों पर हो रही हिंसा ठीक नहीं है।’

अमेरिका ने क्या कहा था?
इससे पहले भारत में अमेरिकी राजदूत एरिक गार्सेटी ने इससे पहले रणनीतिक स्वायत्तता पर टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि संघर्ष के इस समय में रणनीतिक स्वात्तता का कोई मतलब नहीं है। उन्होंने आगे कहा, ‘मुश्किल के इस समय में हमें एक-दूसरे के साथ खड़े रहने की आवश्यकता है।’ दरअसल, गार्सेटी की ये टिप्पणी हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रूस दौरे के बाद आई है। रूस में पीएम मोदी और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मुलाकात पर अमेरिका ने सवाल उठाए थे।

बांग्लादेश के हालातों पर हमारी नजर- रणधीर जायसवाल 
विदेश मंत्रालय ने कहा कि बांग्लादेश में भारतीय नागरिकों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए भारत प्रतिबद्ध है। आपको बता दें कि बांग्लादेश में आरक्षण के खिलाफ जारी हिंसा जारी है और अब तक इस हिंसा में 32 लोगों की मौत हो चुकी है। गुरुवार को बांग्लादेश में बड़े पैमाने पर हिंसा हुई और इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने ढाका स्थित सरकारी टीवी मुख्यालय को आग लगा दी और मुख्यालय में खड़ी कई गाड़ियों को भी तबाह कर दिया। इस बीच बांग्लादेशी सरकार ने सभी सार्वजनिक और निजी विश्वविद्यालयों को बंद करने का फैसला लिया है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, 'बांग्लादेश में विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं। हम इस मुद्दे को देश का आंतरिक मामला मानते हैं। हमने बांग्लादेश में रहने वाले भारतीय नागरिकों की सहायता के लिए परामर्श जारी किया है। रणधीर जायसवाल ने आगे कहा, ‘बांग्लादेश में रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं। विदेश मंत्री द्वारा भी इस मामले पर बारीकी से नजर रखी जा रही है। हम बांग्लादेश में अपने नागरिकों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।'

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