सरकारी की माने तो भारत उन 10 देशों में से एक है, जहां डेल्टा प्लस वैरिएंट की पुष्टि हुई है। वहीं दुनिया के 80 देश ऐसे हैं, जहां डेल्टा स्वरूप के बारे में जानकारी मिली है। इसे लेकर सबसे चिंताजनक बात यह है कि यह डेल्टा प्लस वैरिएंट वैक्सीन और इम्यूनिटी दोनों को चकमा दे सकता है।
इस बीच, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि भारतीय सार्स कोव-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम (आईएनएसएसीओजी) ने सूचना दी थी कि डेल्टा प्लस स्वरूप, ‘‘वर्तमान में चिंताजनक स्वरूप (वीओसी)’’ है, जिसमें तेजी से प्रसार, फेफड़े की कोशिकाओं के रिसेप्टर से मजबूती से चिपकने और ‘मोनोक्लोनल एंटीबॉडी’ प्रतिक्रिया में संभावित कमी जैसी विशेषताएं हैं।
कोरोना वायरस का ‘डेल्टा प्लस’ स्वरूप भारत के अलावा, अमेरिका, ब्रिटेन, पुर्तगाल, स्विट्जरलैंड, जापान, पोलैंड, नेपाल, चीन और रूस में मिला है। भूषण ने कहा कि वहीं ‘डेल्टा’ स्वरूप भारत सहित दुनियाभर के 80 देशों में पाया गया है और यह एक चिंताजनक स्वरूप है।
भारतीय सार्स कोव-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम (आईएनएसएसीओजी) राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं का एक समूह है जिसे केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने गठित किया है। आईएनएसएसीओजी वायरस के नए स्वरूप तथा महामारी के साथ उनके संबंधों का पता लगा रहा है।