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Global Hunger Index 2023: वैश्विक भूख सूचकांक को सरकार ने खारिज किया, कहा- यह वास्तविक स्थिति को नहीं दर्शाता

Thu, 12 Oct 2023 10:40 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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ग्लोबल हंगर इंडेक्स पर महिला एवं बाल विकास मंत्रालय। - फोटो : अमर उजाला
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वैश्विक भूख सूचकांक 2023 (Global Hunger Index) में भारत की स्थिति और भी खराब हो गई है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 125 देशों में भारत को 111वां स्थान दिया है। इसमें यह भी बताया गया है कि देश में बच्चों में कुपोषण की दर सबसे अधिक 18.7 प्रतिशत है। 28.7 स्कोर के साथ ग्लोबल हंगर इंडेक्स के प्रकाशकों ने भारत में 'भूख' की स्थिति को गंभीर बताया है। हालांकि, भारत ने वैश्विक भूख सूचकांक 2023 (Global Hunger Index) को खारिज किया है। भारत ने इस रिपोर्ट को लेकर कहा है कि यह देश की छवि खराब करने का प्रयास है। बता दें कि ताजा सूचकांक गुरुवार को जारी किया गया। इससे पहले, साल 2022 में भारत 121 देशों में से 107वें स्थान पर था। 

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पड़ोसी हमसे बेहतर
वहीं अगर पड़ोसी देशों की बात करें तो पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश, नेपाल की स्थिति हमसे बेहतर है।  भारत के पड़ोसी देशों में पाकिस्तान को 102वां स्थान, बांग्लादेश को 81वां, नेपाल को 69वां और श्रीलंका को 60वां स्थान दिया गया है। इन देशों ने वैश्विर भूख के मामले में भारत से बेहतर प्रदर्शन किया है। 

इस रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में बच्चों की कमजोरी की दर 18.7 प्रतिशत दुनिया में सबसे ज़्यादा है। यह तीव्र कुपोषण को दर्शाती है। वहीं, भारत में अल्पपोषण की दर 16.6 प्रतिशत और पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों की मृत्यु दर 3.1 प्रतिशत है। इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 15 से 24 वर्ष की आयु की महिलाओं में एनीमिया की व्यापकता 58.1 प्रतिशत है।
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सरकार ने आंकड़ों को किया खारिज
वहीं, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने इस सूचकांक को खारिज कर दिया है। सरकार ने इसे भुखमरी का एक गलत पैमाना बताया है। मंत्रालय ने यह भी कहा है कि यह भारत की वास्तविक स्थिति को प्रतिबिंबित नहीं करता है। इसमें बहुत सारी  खामियां हैं। इस सूचकांक की गणना के लिए उपयोग किए जाने वाले चार संकेतकों में से तीन संकेतक दरअसल बच्चों के स्वास्थ्य से संबंधित हैं, अतः ये निश्चित रूप से पूरी आबादी के स्वास्थ्य को नहीं बता सकते हैं।  

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