विदेश मंत्री एस जयशंकर के पाकिस्तान में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के शिखर सम्मेलन में भाग लेने पर रक्षा विशेषज्ञ रंजीत राय ने कहा कि लोग सोच रहे थे कि शायद पीएम मोदी बैठक में भाग लेंगे, लेकिन अब विदेश मंत्री एस जयशंकर एससीओ प्रमुखों की बैठक में भाग लेंगे। हाल ही में संयुक्त राष्ट्र में एस जयशंकर ने कहा है कि आतंकवाद के कारण पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति खराब हो गई है। उन्होंने दोस्त खो दिए हैं।
वहीं पाकिस्तान में पूर्व भारतीय राजदूत गौतम बंबावले ने कहा कि यह सरकार के प्रमुखों की एससीओ बैठक है। इसमें विभिन्न देशों के प्रधानमंत्री होंगे। अतीत में इस बैठक में आमतौर पर विदेश मंत्री भी बैठक लेते थे। इस बार भी सरकार ने सही निर्णय लिया है। एससीओ भारत के लिए काफी महत्वपूर्ण है। हालांकि हमें पाकिस्तान के लोगों और सरकार को स्पष्ट रूप से बताना होगा कि यह एक बहुपक्षीय बैठक है और यहां भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय चर्चा नहीं होगी। मुझे लगता है कि पाकिस्तानी अधिकारियों को यह संदेश देना बहुत महत्वपूर्ण है।