प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले भारतीय लोग विदेशी सामान को बेहतर मानते थे, लेकिन अब लोग खुद पूछते हैं, क्या यह भारत में बना है? उन्होंने कहा कि यह मानसिकता का बड़ा बदलाव है, जिससे आत्मनिर्भर भारत की दिशा में आगे बढ़ा जा रहा है। उन्होंने कहा, आज भारत सिर्फ सपनों का देश नहीं, बल्कि उन्हें पूरा करने वाला देश है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि पहले भारत की विदेश नीति सभी देशों से समान दूरी बनाए रखने की थी, लेकिन अब यह सभी के करीब रहने की नीति बन गई है। उन्होंने कहा कि आज भारत सिर्फ दुनिया के नियमों का पालन नहीं कर रहा, बल्कि उन्हें बनाने और सुरक्षित करने में भी योगदान दे रहा है। पीएम मोदी ने एक समाचार चैनल के कार्यक्रम में बोलते हुए कहा कि आज भारत सिर्फ सपने देखने वाला देश नहीं है, बल्कि उन्हें पूरा करने वाला देश बन गया है। उन्होंने यह भी कहा कि अब दुनिया भारत की कोशिशों, नवाचारों (इनोवेशन) और विचारों को पहले से कहीं ज्यादा महत्व देती है।
10 सालों में भारत ने अपनी जीडीपी दोगुना की- पीएम
इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि 70 सालों तक भारत दुनिया की 11वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था था, लेकिन सिर्फ 7-8 सालों में यह पांचवें स्थान पर पहुंच गया। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि भारत अकेली बड़ी अर्थव्यवस्था है जिसने पिछले 10 सालों में अपनी जीडीपी को दोगुना किया है।
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भारत की सामाजिक और आर्थिक प्रगति
पीएम मोदी ने आगे कहा कि पिछले 10 सालों में भारत में कई बड़े बदलाव आए हैं। इसमें स्वच्छ भारत मिशन- गांवों में शौचालय बनने से महिलाओं की बड़ी समस्या हल हुई। आयुष्मान भारत योजना- अब गरीबों को महंगे इलाज की चिंता नहीं करनी पड़ती। उज्ज्वला योजना- गरीब परिवारों को धुएं से छुटकारा मिला और उन्हें मुफ्त गैस कनेक्शन मिला। जन धन योजना- 30 करोड़ से ज्यादा महिलाओं के अपने बैंक खाते हैं। ऑनलाइन बैंकिंग- अब हर घर तक बैंकिंग सेवाएं पहुंच रही हैं और हर 5 किमी के दायरे में बैंकिंग टचप्वाइंट मौजूद है।
भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई की गई- पीएम
पीएम मोदी ने इस दौरान भ्रष्टाचार और कानून की बात करते कहा कि जिन लोगों ने जनता का पैसा लूटा था, उन्हें अब उसे लौटाना पड़ रहा है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अब तक 22,000 करोड़ रुपये की बरामदगी की है और यह पैसा कानूनी रूप से पीड़ितों को लौटाया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि बैंकों का नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (एनपीए) घटकर अब सबसे निचले स्तर पर आ गया है और बैंकों का मुनाफा 1.4 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
भारत के वैश्विक योगदान का जिक्र
पीएम मोदी ने बताया कि भारत ने कोरोना महामारी के समय अपने खुद के टीके बनाए और 150 से ज्यादा देशों को दवाइयां भेजीं। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के लिए भारत ने सीडीआरआई की शुरुआत की और अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन के जरिए छोटे देशों को सस्ती ऊर्जा उपलब्ध कराने का समाधान दिया।