फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Prisoners Release: 2014 के बाद विदेशी जेलों से 10 हजार भारतीय कैदियों को मुक्ति, जानिए किस देश से कितनी रिहाई

Fri, 28 Mar 2025 07:54 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

मामले से जुड़े अधिकारियों ने कहा कि इनमें से बहुत सी सफलताएं वैश्विक नेताओं के साथ मोदी के व्यक्तिगत तालमेल के कारण संभव हुईं। एक अधिकारी ने कहा, 'ये सफल हस्तक्षेप भारत की बढ़ती वैश्विक कूटनीतिक प्रतिष्ठा और विदेशों में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए मोदी सरकार की अटूट प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हैं।'
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मोदी सरकार की तरफ से उनकी रिहाई और क्षमा के लिए किए गए सक्रिय और निरंतर कूटनीतिक प्रयासों के कारण 2014 से अब तक कई आरोपों में विदेशों में कैद 10,000 से अधिक भारतीय स्वदेश लौट आए हैं। मामले में आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि यूएई की तरफ से रमजान के इस्लामी पवित्र महीने में लगभग 500 भारतीय कैदियों को क्षमा किए जाने से भारत और खाड़ी देश के बीच मजबूत द्विपक्षीय संबंधों का पता चलता है।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें - Defence: भारत 156 मेड इन इंडिया LCH प्रचंड चॉपर खरीदेगा; CCS की बैठक में अब तक का सबसे बड़े रक्षा सौदा मंजूर

यूएई से 2783, सऊदी अरब से 850 की रिहाई
एक अधिकारी ने बताया, '2014 से, पीएम मोदी के नेतृत्व ने विदेश में भारतीय नागरिकों के कल्याण को प्राथमिकता दी है, कूटनीतिक वार्ता और उच्च स्तरीय हस्तक्षेप के माध्यम से विदेशों में कैद लगभग 10,000 भारतीयों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की है।' कूटनीतिक प्रयासों के कारण भारतीय नागरिकों की रिहाई के प्रमुख उदाहरणों में 2022 से यूएई से 2,783 भारतीय कैदियों की रिहाई और सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की तरफ से 2019 में भारत की अपनी यात्रा के दौरान 850 भारतीय कैदियों की रिहाई का आदेश देना शामिल है।
विज्ञापन


कतर में आठ नौसेना के पूर्व अधिकारी रिहा
वहीं कतर की तरफ से साल 2023 में मौत की सजा पाए भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारियों को रिहा करना सबसे अहम कूटनीतिक प्रयास था। सूत्रों ने कहा कि उनमें से आठ को मृत्युदंड दिया गया था और भारत के कूटनीतिक हस्तक्षेप के कारण उनकी सजा कम कर दी गई और फिर उनमें से अधिकांश को रिहा कर दिया गया। उन्होंने बताया कि एक अन्य इस्लामिक देश ईरान ने 2024 में 77 भारतीय नागरिकों को और 2023 में 12 मछुआरों सहित 43 को रिहा किया है, जबकि बहरीन सरकार ने 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा के दौरान 250 भारतीय कैदियों को माफ किया था।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें - Politics: दक्षिण भारत में महिलाओं के हाथ रहेगी भाजपा की मशाल, 75 महिला उद्यमियों को सम्मानित करेगी पार्टी

कुवैत से 2017 में 22 रिहा, 97 की सजा कम हुई
कुवैत के अमीर ने 2017 में कूटनीतिक वार्ता के बाद 22 भारतीयों को रिहा किया और 97 अन्य की सजा कम की। आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि भारत के नियमित हस्तक्षेप के कारण श्रीलंका द्वारा भारतीय मछुआरों को नियमित रूप से रिहा किया गया है और 2014 से 3,697 को रिहा किया गया है। उन्होंने कहा कि 2014 से, अथक कूटनीतिक प्रयासों से पाकिस्तान से 2,639 मछुआरों और 71 नागरिक कैदियों की रिहाई सुनिश्चित हुई है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें