भारत पर्यवेक्षक के तौर पर जिबूती कोड ऑफ कंडक्ट (आचार संहिता) में शामिल हो गया है। विदेश मंत्रालय ने बुधवार को बताया, 26 अगस्त को हुई जिबूती आचार संहिता/ जेद्दा संशोधन (डीसीओसी/जेए) की वर्चुअल बैठक के बाद पर्यवेक्षक के तौर पर भारत ने इसमें शामिल होने का फैसला किया। डीसीओसी/जेए हिंद महासागर क्षेत्र, अफ्रीका का पूर्वी तट, अदन की खाड़ी, लाल सागर के 18 सदस्य देशों का समूह है।
हिंद महासागर में सुरक्षा बढ़ाने में करेगा सहयोग
जापान, नॉर्वे, ब्रिटेन और अमेरिका के बाद अब भारत भी पर्यवेक्षक के तौर पर इसका हिस्सा होगा। डीसीओसी/जेए की स्थापना जनवरी, 2009 में हुई थी। इसका मकसद हिंद महासागर क्षेत्र, अदन की खाड़ी और लाल सागर में जहाजों के खिलाफ समुद्री डकैती और सशस्त्र डकैती का दमन करना है। पर्यवेक्षक के तौर पर भारत डीसीओसी/जेए के सदस्य देशों के साथ मिलकर हिंद महासागर में समुद्री सुरक्षा को बढ़ाने में सहयोग देगा।