भारत ने पाकिस्तान को राजयनयिकों के शोषण को लेकर एक मौखिक नोट जारी किया है। इस महीने शोषण के पांच मामले सामने आ चुके हैं। यह मामले ज्यादातर छोटे-मोटे हैं लेकिन सरकार ने इन्हें लेकर विरोध दर्ज कराया है क्योंकि इनकी संख्या बढ़ती जा रही है। आधिकारिक सूत्रों की पुष्टि के अनुसार इस महीने भारत ने पाकिस्तान के नए उच्चायुक्त मोइन-उल-हक की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है।
माना जा रहा है कि हक अगस्त के तीसरे महीने में भारत आएंगे। वह इससे पहले फ्रांस में पाकिस्तान के राजनयिक के तौर पर कार्यरत थे। पाकिस्तान ने मई में उन्हें भारत भेजने का फैसला किया। भारत को उम्मीद है कि हक करतारपुर कॉरिडोर को लेकर दोनों देशों के रिश्तों को समझेंगे और सकारात्मक तौर पर उसे लागू करेंगे। दोनों देशों ने बीते कुछ महीनों के दौरान भारत और पाकिस्तान में राजनयिकों के बर्ताव को लेकर 1992 आचार संहिता का इस्तेमाल करते हुए शोषण के कई मामले निपटाए हैं।
हालांकि कई मौकों पर परिस्थितियां खराब हुई हैं जैसे इस साल ईद से पहले दोनों देशों मे एक-दूसरे पर इफ्तार पार्टी में खलल डालने का आरोप लगाया। दोनों देश इस समय अंतरराष्ट्रीय न्याय अदालत के आदेशानुसार कुलभूषण जाधव की राजनयिक पहुंच को लेकर बातचीत कर रहे हैं। भारत सरकार चाहती है कि पाकिस्तान भारतीय अधिकारियों को जाधव से निजी तौर पर बात करने दे। वहीं पाकिस्तान का कहना है कि वह अपने देश के कानून के अनुसार जाधव को राजनयिक पहुंच प्रदान करेगा।
बता दें कि साल की शुरुआत में पाकिस्तानी उच्चायोग के एक कर्मचारी पर एक महिला को बाजार में कथित तौर पर गलत तरीके से छूने का आरोप लगा था। महिला के अनुसार कर्मचारी ने उसे बाजार में गलत तरीके से छुआ था। वहीं कर्मचारी का कहना था कि बाजार में भारी भीड़ होने की वजह से गलती से उसका हाथ महिला को छू गया था। कर्मचारी ने महिला से माफी मांगने के बाद मामला सुलझ गया था।