इस टेस्ट के दौरान हर उस आकस्मिक घटना की जांच की जाएगी दो निकट भविष्य में हो सकती है। एक्सरसाइज के दौरान मुंबई, कोच्चि, विजाग, पोर्ट ब्लेयर और गुरुग्राम स्थित आएमएसी (इंफॉर्मेशन मैनेजमेंट एंड एनालिसिस सेंटर) में 46 तटीय रडार स्टेशन, 74 नेशनल अटॉमिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम चेन स्टेशन और 4 जॉइंट ऑपरेशनल सेंटर का परीक्षण किया जाएगा।
भारतीय नौसेना इस एक्सरसाइज का नेतृत्व करेगी। इस एक्सरसाइज में एजेंसियों के परीक्षण के आलावा डायरेक्टर जनरल ऑफ शिपिंग (मर्चेंट शिपिंग को नियंत्रित करने वाला), डायरेक्टर जनरल ऑफ लाइटहाउस और लाइटशिप (एआईएस की सहायता से आने और जाने वाली नावों को ट्रैक करने वाले), तटीय राज्यों की समुद्री पुलिस, इंडियन कोस्टल गार्ड, खूफिया एजेंसी जैसे रॉ, कस्टम डिपार्टमेंट, स्थानीय पुलिस और मछुआरों को भी शामिल किया गया है।
एक्सरसाइज का उद्देश्य बताते हुए इससे जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि सी विजिल एक्सरसाइज में संभावित परिदृश्यों में एआईएस सिस्टम, कोस्टल रडार स्टेशन, जॉइंट कमांड सेंटर की सुरक्षा का उल्लंघन करना शामिल होगा। इस एक्सरसाइज की सटीक तारीख भी किसी के साथ साझा नहीं की गई है। इसके पीछे का उद्देश्य एक्सरसाइज को गुप्त रखना है। अधिकारी ने बताया कि इस एक्सरसाइज के तहत रियेलिटी चेक किया जाएगा। यानी वास्तविक प्रतिक्रिया और वास्तविक समन्वय का परीक्षण।