जेएनयू में छात्रों को संबोधित करते शशि थरूर
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कांग्रेस नेता शशि थरूर ने रविवार की रात जेएनयू के छात्रों का संबोधित करते हुए राष्ट्रवाद के मुद्दे पर भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि केवल 'भारत माता की जय' बोलने से किसी की देशभक्ति साबित नहीं होती। यह एक स्वतंत्र विचार है और इसके लिए लोगों को यह अधिकार होना चाहिए कि क्या गलत है वो उसका फैसला कर सकें।
उन्होंने कहा, 'भारत केवल हिंदी, हिंदू और हिंदुस्तान नहीं है। हमें यह समझने की जरूरत है कि भारतीय सभ्यता में कई धर्मों का समावेश है।' थरूर ने कहा, 'आज किसी की देशभक्ति का फैसला केवल इस बात से किया जाता है कि वह 'भारत माता की जय' बोलता है या नहीं। मुझे यह बोलने में खुशी है, लेकिन क्या मुझे यह बोलने के लिए सबको मजबूर करना चाहिए?'
उन्होंने कहा कि हमारा संविधान यह अधिकार देता है कि इस बात का निर्णय हम खुद करें कि हमें क्या बोलना है और कब बोलना है। जेएनयू में भाषण के दौरान थरूर ने कन्हैया कुमार की तुलना शहीद भगत सिंह और कृष्ण से भी की। उन्होंने कहा, 'हम एक ऐसा भारत चाहते हैं जिसमें कृष्ण भी हो और कन्हैया कुमार भी।' कन्हैया की तुलना भगत सिंह से करने पर भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन ने भगत सिंह से कन्हैया की तुलना उनका (भगत सिंह) अपमान है।
कन्हैया भाषण दे रहा था
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जेएनयू में जिस वक्त थरूर अपना भाषण दे रहे थे उस वक्त वहां पर जेएनयू अध्यक्ष कन्हैया कुमार भी मौजूद था। उन्होंने ऐसे ज्वलंत मुद्दों पर बहस करने के लिए आगे आने वाले छात्रों को सराहना करते हुए कहा कि छात्र जीवन के दिन ऐसे दिन होते हैं जहां एक-दूसरे की चेतना का विस्तार किया जाता है।
उन्होंने कहा, 'आप सब यहां शिक्षा के लिए आए हैं लेकिन आप देश को भी शिक्षित कर रहे हैं। यहां जो कुछ भी हुआ उसने देश को राष्ट्रीयता, देशभक्ति, राष्ट्रद्रोह और आजादी जैसे विषयों पर शिक्षा देने का काम किया।'
इस दौरान कन्हैया कुमार ने भी वहां मौजूद छात्रों को संबोधित करते हुए भाजपा सरकार पर निशाना साथा। इस बीच थरूर और कन्हैया के एक ही मंच पर आने से इस बात की भी चर्चाएं होने लगी कि कन्हैया जल्द ही कांग्रेस का दामन थाम सकते हैं। हालांकि, कन्हैया ने ऐसी संभावनाओं को सिरे से खारिज कर दिया।