बीते तेरह माह में तीन महामुकाबले और तीनों में ही पाकिस्तान ने वह सब कुछ किया जो उन्हें जीत की दहलीज पर ले जाने के लिए काफी था। नहीं कर पर पाए तो सिर्फ विराट कोहली की तोड़ नहीं निकाल पाए।
वर्ल्ड कप के दौरान एडीलेड में खेली गई 107 रनों की पारी इसके बाद टी-20 एशिया कप में मोहम्मद आमिर के कहर के आगे 49 रन और अब टी-20 वर्ल्ड कप में नाबाद 55 रन। क्या विराट पाकिस्तान के लिए वीरेंद्र सहवाग और सचिन तेंदुलकर से भी बड़ा बुरा सपना बन गए हैं?
यह सवाल इस वक्त पूरी पाकिस्तानी टीम के लिए चिंता का सबब बना हुआ है। तभी तो भारत से हार के बाद शोएब मलिक के मुंह से यही निकला दोनों टीमों में अगर कोई अंतर था तो वह विराट कोहली ही थे। दरअसल उनके लिए विराट की काट ढूंढना अब जरूरी हो गया है।
शोएब ही क्यों पाक कप्तान शाहिद आफरीदी हों या भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी सभी विराट के गुण गा रहे हैं। धोनी तो यहां तक कहते हैं कि उनमें कुछ कर दिखाने की भूख है। वह प्रदर्शन करना चाहते हैं, रन बनाना चाहते हैं। उनमें विकेट को पहचान कर उन परिस्थितयों में बल्लेबाजी करने की काबलियत है और सबसे बढ़कर जब वह पारी को बढ़ाते हैं तो उसे लंबे स्कोर में परिवर्तित करने की कूवत रखते हैं।
उन्होंने आगे कहा, जरूरत के वक्त कब चौका या छक्का लगाना है या कब एक रन को दो में परिवर्तित करना है यह विराट कोहली की खूबी है। तभी तो वह अपने साथ के बल्लेबाजों में अपने को एक कदम ऊपर रखने में सफल रहे हैं।