भारत का स्वदेशी वन-वे अटैक ड्रोन 'काल' जल्द भारतीय सेना में शामिल हो सकता है। 1,000 किलोमीटर की मारक क्षमता वाला यह ड्रोन 50 किलोग्राम विस्फोटक ले जाने, 7-8 घंटे तक उड़ान भरने और हाई-टेक नेविगेशन सिस्टम की मदद से दुश्मन के रडार व जैमर के बीच भी सटीक हमला करने में सक्षम है।
एक हजार किलोमीटर दूर जाकर लक्ष्य पर निशाना साधने वाला लंबी दूरी का वन-वे अटैक स्वदेशी ड्रोन काल जल्द ही सेना में शामिल होगा। गहरे रणनीतिक ठिकानों पर सटीक हमले के लिए तैयार यह आत्मघाती ड्रोन राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों से अफगानिस्तान के भीतर तक निशाना साध सकता है। इस ड्रोन को बनाने वाली कंपनी आईजी डिफेंस के सह-संस्थापक ने बताया कि यह आने वाले समय में सेना की महत्वपूर्ण रणनीतिक परिसंपत्ति बनेगा। रूस का जेरॉन-2 और अमेरिका का ल्यूकस भी इसी श्रेणी के ड्रोन हैं।
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कम लागत वाले मानवरहित सिस्टम बहुत जरूरी
कंपनी के सीईओ ने बताया कि आधुनिक युद्ध में कम लागत और सटीक निशाना लगाने वाले मानवरहित सिस्टम बेहद महत्वपूर्ण साबित हो रहे हैं। युद्ध का भविष्य स्वायत्त और लंबी दूरी की प्रणालियों पर निर्भर करेगा। इस ड्रोन के निर्यात को लेकर कुछ मित्र देशों से बातचीत जारी है, जिसके लिए सरकार की औपचारिक स्वीकृति जरूरी होगी।
8 घंटे तक हवा में रहने की क्षमता
1,000 किलोमीटर की रेंज वाला यह ड्रोन 7-8 घंटे तक हवा में रह सकता है और 50 किलोग्राम विस्फोटक ले जाने में सक्षम है। 200 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से 5,000 मीटर की ऊंचाई तक उड़ने वाला यह ड्रोन हाई-रेजोल्यूशन और थर्मल कैमरों से लैस है। इसमें लगा उन्नत नेविगेशन सूट, मल्टी-बैंड जीएनएसएस और एन्क्रिप्टेड डाटालिंक इसे दुश्मन के रडार व जैमर के बीच भी सुरक्षित संचालन में मदद करते हैं।