यह पहली बार नहीं है, जब पाकिस्तान ने समझौता एक्सप्रेस सेवा रोकी हो। इससे पहले जब पुलवामा हमले का बदला लेने के लिए भारतीय वायुसेना ने बालाकोट में एयर स्ट्राइक की थी तो विरोध जताते हुए पाकिस्तान ने समझौता एक्सप्रेस की सेवाओं को रोक दिया था।
दोनों देशों के लोगों के बीच सदियों पुराने संबंधों को मजबूत बनाने के लिए इस गाड़ी को शुरु किया गया था। समझौता एक्सप्रेस को 1984 में ब्लू स्टार ऑपरेशन, गुजरात में महामारी, 1992 में बाबरी मस्जिद विवादित ढांचे को गिराने और संसद में हमले के बाद भी बंद कर दी गई थी।
समझौता एक्सप्रेस में छह शयनयान डिब्बे और एक एसी 3-टियर का डिब्बा है। शिमला समझौते के तहत इस ट्रेन सेवा की शुरूआत 22 जुलाई 1976 को की गई थी। गौरतलब है कि भारत की तरफ से यह ट्रेन दिल्ली से अटारी के बीच, जबकि पाकिस्तान की ओर से यह लाहौर से वाघा के बीच चलती है।