पाकिस्तान को करारा झटका देते हुए अमेरिका ने न्यूक्लियर सप्लायर्स ग्रुप (एनएसजी) में भारत की सदस्या का समर्थन किया है। भारत को सदस्य बनाने का विरोध कर रहे पाकिस्तान को फटकार लगाते हुए कहा कि सदस्यता का हथियारों के रेस से कोई लेना देना नहीं है। अमेरिका ने पाक को स्पष्ट शब्दों में बता दिया कि परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण इस्तेमाल के लिए भारत एनएसजी की सदस्यता चाहता है।
विदेश विभाग के डिप्टी प्रवक्ता मार्क टोनर ने पत्रकारों को बताया कि ‘सदस्यता हथियारों की रेस में शामिल होने और परमाणु हथियारों के निर्माण के लिए नहीं है। यह परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण इस्तेमाल के लिए है। हमें पूरी उम्मीद है कि पाक इसे समझेगा। मैं सिर्फ इतना कह सकता हूं कि पिछले साल जब राष्ट्रपति ओबामा भारत गए थे, तो उन्होंने भारत को एनएसजी में सदस्यता देने की बात कही थी। लेकिन इस बारे में एनएसजी के सदस्य देश वोटिंग के जरिए आखिरी फैसला लेंगे। अगर पाकिस्तान भी एनएसजी की सदस्यता चाहता है, तो उसे आवेदन करना चाहिए।’
दरअसल अमेरिका ने 48 सदस्यीय एनएसजी में भारत को सदस्यता देने की सिफारिश की है। अमेरिकी सिफारिश के बावजूद भारतीय सदस्यता का पाक विरोध कर रहा है। इससे अमेरिका पाक से नाराज हो गया और जमकर फटकार लगाई। पाकिस्तान ने एनएसजी में भारत की सदस्यता का विरोध करते हुए कहा था कि इससे दक्षिण एशिया में परमाणु हथियारों की एक रेस शुरू हो जाएगी। गौरतलब है कि एनएसजी की एक अहम मीटिंग जल्द ही होने वाली है। ऐसे में अमेरिका का पाकिस्तान को फटकारना महत्वपूर्ण है।