सार
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष ने भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते को ऐतिहासिक बताया। वॉन डेर लेयेन ने कहा कि यह सिर्फ व्यापार नहीं, बल्कि नौकरियों, दोस्ती और अवसरों की नींव है, जो भारत और यूरोप की साझेदारी को मजबूत करेगा।
भारत और यूरोपीय संघ के बीच ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौता संपन्न हो गया है। ऐसे में अब यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इस समझौते को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते से दुनिया को सशक्त संदेश मिला है। उन्होंने आगे कहा कि मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत का समापन भारत-यूरोपीय संघ साझेदारी में एक निर्णायक क्षण है और यह तो केवल शुरुआत है।
वॉन डेर लेयेन ने यह बातें मंगलवार रात राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की ओर से आयोजित रात्रि भोज के दौरान अतिथियों को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि यह समझौता यूरोप और भारत के बीच महत्वपूर्ण साझेदारी की नींव रखता है और हम दुनिया को सशक्त संदेश दे रहे हैं... इस समय, भारत और दुनिया संवाद, सहयोग और समन्वय का विकल्प चुन रहे हैं।
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सिर्फ व्यापार से कहीं अधिक है समझौते का अर्थ- वॉन
इसके साथ ही वॉन डेर लेयेन ने इस बात पर भी जोर दिया कि इस समझौते का मतलब सिर्फ व्यापार से कहीं अधिक है। इसका मतलब है अधिक और बेहतर नौकरियां, अधिक और घनिष्ठ मित्रता, अधिक संबंध, हमारे व्यवसायों और निश्चित रूप से हमारे लोगों के लिए अधिक अवसर, और कम निर्भरता।
उन्होंने आगे कहा कि यूरोप और भारत रणनीतिक रूप से बहुत मेहनत कर रहे हैं और इसीलिए आज हमने भारतीय हितों और यूरोपीय हितों की रक्षा करने और सभी देशों में स्थिरता और विश्वास लाने के लिए अपनी सुरक्षा और रक्षा साझेदारी शुरू की है ताकि हमारे लोग सुरक्षित महसूस कर सकें और हमारे व्यवसाय विश्वास और सम्मान के साथ व्यापार कर सकें।
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राष्ट्रपति भवन में रात्रि भोज का आयोजन
गौरतलब है कि कूटनीति के मंच पर भारत ने स्वाद के जरिए अपनी सांस्कृतिक विरासत का संदेश दिया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को राष्ट्रपति भवन में यूरोपीय संघ के शीर्ष नेताओं के सम्मान में विशेष भोज दिया, जिसमें हिमालयी क्षेत्रों के पारंपरिक व्यंजन आधुनिक अंदाज में परोसे गए। इस दावत के जरिए भारत ने अपनी विविधता और आत्मीयता को वैश्विक मंच पर अनोखे ढंग से प्रस्तुत किया।
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