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भारत-EU FTA पर मुहर: व्यापार, निवेश-वैश्विक साझेदारी की नई राह, मंत्री गोयल ने बताया क्यों है गेम चेंजर डील?

Tue, 27 Jan 2026 07:07 PM IST
संध्या डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला

सार

भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच हुए व्यपार समझौते के कारण कई चीजें सस्ती हो सकती है। कई वस्तुओं पर दोनों देशों ने कर की कटौती करने का निर्णय लिया है। 

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भारत और यूरोपीय यूनियन में फ्री ट्रेड एग्रीमेंट - फोटो : PTI
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विस्तार
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भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच करीब 18 वर्षों से चल रही बातचीत के बाद आखिरकार फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर सहमति बन गई है। मंगलवार को 16वें भारत ईयू शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों पक्षों ने इस ऐतिहासिक समझौते का औपचारिक ऐलान किया। इस ट्रेड डील को वर्ष 2027 से लागू किए जाने की संभावना है। समझौते के लागू होते ही भारत में यूरोप से आयात होने वाले कई उत्पाद सस्ते हो सकते हैं। खास तौर पर यूरोपीय लग्जरी कारों पर लगने वाला आयात शुल्क 110 प्रतिशत से घटाकर लगभग 10 प्रतिशत किए जाने की बात कही जा रही है। इससे बीएमडब्ल्यू और मर्सिडीज जैसी कारों की कीमतों में बड़ी गिरावट आ सकती है। इसके अलावा यूरोप से आने वाली शराब और वाइन पर भी टैक्स में भारी कटौती की तैयारी है। फिलहाल इन उत्पादों पर करीब 150 प्रतिशत टैरिफ लगता है, जिसे घटाकर 20 से 30 प्रतिशत के दायरे में लाया जा सकता है।

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केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को कहा कि भारत को यूरोपीय यूनियन के बाजार में मूल्य के आधार पर अपने 99 प्रतिशत से अधिक निर्यात के लिए रियायती शुल्क पर पहुंच मिलेगी। उन्होंने बताया कि इससे देश के श्रम प्रधान उद्योगों को खास तौर पर फायदा होगा और घरेलू उत्पादन को मजबूती मिलेगी। भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर वार्ताएं पूरी हो चुकी हैं।दोनों पक्षों ने 27 जनवरी को औपचारिक रूप से बातचीत के समापन का ऐलान किया, जिससे इस समझौते के लागू होने का रास्ता साफ हो गया है।
 

गोयल ने मीडिया ब्रीफिंग में कहा, यह समझौता इस बात को दर्शाता है कि जब वैश्विक व्यापार के करीब 25 प्रतिशत हिस्से का प्रतिनिधित्व करने वाले देश और क्षेत्र अपनी रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने का फैसला करते हैं, तो उसके दूरगामी असर दिखाई देते हैं। मुक्त व्यापार समझौते के साथ साथ इस साझेदारी से रक्षा सहयोग, निवेश में बढ़ोतरी, नवाचार और विज्ञान के क्षेत्र में सहयोग तथा वित्तीय बाजारों के गहरे एकीकरण के नए रास्ते खुलेंगे। उन्होंने कहा कि यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन का यह दौरा भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच रणनीतिक रिश्तों के लिहाज से एक गेम-चेंजर और परिवर्तनकारी साबित होगा। यह समझौता केवल एक मुक्त व्यापार करार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उससे कहीं व्यापक और गहरे मायने रखता है।

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उनके अनुसार, एफटीए के जरिए खुलने वाले व्यापारिक अवसरों से भी आगे बढ़कर यह भारत और यूरोपीय संघ के बीच मजबूत होती रणनीतिक साझेदारी और साझा सोच को दर्शाता है। भारत और यूरोपीय संघ कई अहम क्षेत्रों में मिलकर काम कर रहे हैं, ताकि साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सके। यह सहयोग साझा समृद्धि के साथ-साथ मानवता के एक बड़े हिस्से के बेहतर भविष्य की दिशा में अहम कदम है। भारत और यूरोपीय यूनियन के 27 सदस्य देशों की संयुक्त आबादी करीब 280 करोड़ है, जो इस समझौते की वैश्विक अहमियत को और मजबूत करती है।
 

मंत्री गोयल ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष वोंडरलेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा के नेतृत्व में भारत और यूरोपीय संघ ने सबसे बड़े समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता देश की वैश्विक व्यापार भागीदारी में एक रणनीतिक उपलब्धि है, जिससे 1.4 अरब लोगों के लिए 20 हजार अरब डॉलर के यूरोपीय संघ बाजार में विशाल अवसर खुलेंगे। यह ऐसा समझौता है जो हमारे निर्यात के 99 प्रतिशत से अधिक हिस्से को अभूतपूर्व बाजार पहुंच देता है, जिससे हमारे श्रम प्रधान क्षेत्रों को जबरदस्त प्रोत्साहन मिलेगा और मेक इन इंडिया को मजबूती मिलेगी।
 

केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, यह समझौता दुनिया की चौथी और दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच हुआ है। यह दोनों वैश्विक व्यापार के करीब एक तिहाई हिस्से का प्रतिनिधित्व करते हैं। इस साझेदारी से भारतीय कारोबारियों के लिए व्यापार और निवेश के नए अवसर खुलेंगे। इस फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का लाभ एमएसएमई सेक्टर के साथ साथ महिलाओं, युवाओं, कारीगरों, श्रमिकों, छात्रों, कुशल पेशेवरों, मछुआरों, किसानों और निर्यातकों तक पहुंचेगा। सरकार ने समझौते के दौरान संवेदनशील क्षेत्रों के हितों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया है। इस डील के जरिए यूरोपीय यूनियन जैसे हाई-वैल्यू मार्केट तक भारतीय उत्पादों की पहुंच आसान होगी, जबकि ग्रामीण आजीविका और घरेलू उद्योगों को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी संतुलन भी बनाए रखा गया है।
 

केंद्रीय मंत्री गोयल ने कहा, इस समझौते के जरिए सेवा क्षेत्र में भारत को बड़ी सफलता मिली है। भविष्य को ध्यान में रखकर तैयार किए गए मोबिलिटी फ्रेमवर्क से भारतीय कुशल पेशेवरों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नए अवसर खुलेंगे। यह समझौता केवल मौजूदा जरूरतों तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाले समय के लिए एक मजबूत आधार तैयार करता है। इससे भारत में उच्च मूल्य वाली नौकरियों के सृजन, नवाचार को बढ़ावा और वैश्विक प्रतिभा के केंद्र के रूप में देश की भूमिका और मजबूत होगी। यह डील भारत की दीर्घकालिक और सतत आर्थिक विकास की दिशा में एक अहम कदम है।

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