भारत ने मालदीव को 1.4 अरब अमेरिकी डॉलर की वित्तीय मदद देने की एवज में उससे उनके यहां सैन्य बेस निर्माण करने की मांग नहीं की है। यह जानकारी बृहस्पतिवार को आधिकारिक सूत्रों ने दी।
सूत्रों ने बताया कि वित्तीय मदद की मंजूरी के एवज में मालदीव से कुछ भी नहीं मांगा गया है। मालूम हो कि हाल ही में मालदीव के राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह भारत के दौरे पर आए थे। इस तरह की खबरें थी कि भारत वित्तीय पैकेज के बदले में मालदीव पर सैन्य ठिकाने का निर्माण करने के लिए दबाव डाल रहा है।
एक आधिकारिक सूत्र ने बताया, ‘भारत सरकार की तरफ से किसी भी प्रकार के वित्तीय सहयोग के बदले मालदीव सरकार से किसी भी तरह का आग्रह नहीं किया गया है।’ उल्लेखनीय है कि मालदीव चीन के भारी कर्ज के बोझ से दबा हुआ है। भारत ने 17 दिसंबर को मालदीव को 1.4 अरब अमेरिकी डॉलर की वित्तीय मदद की घोषणा की थी।