रेल संपत्ति और ट्रेन यात्रियों की सुरक्षा करने वाले आरपीएफ जवानों को ज्यादा आधुनिक बनाया जा रहा है। इस दिशा में पहले कदम के तहत अब जासूसी कैमरा, फायरिंग सिमुलेटर, बॉडी कैमरा और ऐसे अन्य आधुनिक उपकरण रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के सुरक्षा साजोसामान का हिस्सा होंगे। रेलवे बोर्ड का कहना है कि पहली बार आरपीएफ को अपने लिए अत्याधुनिक उपकरण खरीदने का अधिकार दिया जा रहा है।
पहली बार आरपीएफ को मिला अत्याधुनिक उपकरण खरीदने का अधिकार
अब तक आरपीएफ के लिए ऐसे उपकरणों की खरीद के लिए रेलवे बोर्ड से मंजूरी की जरूरत होती थी। बोर्ड की ओर से कहा गया कि मंडल और जोनल स्तर पर आरपीएफ अधिकारियों के पास प्रशासनिक के साथ बल के लिए सुरक्षा से जुड़े उपकरण खरीदने के लिए वित्तीय शक्तियां भी होंगी।
इतना ही नहीं, मंडल और जोन में आरपीएफ अधिकारियों के पास ड्रोन कैमरा, सामान की जांच करने वाला उपकरण, ड्रैगन सर्च लाइट, सार्वजनिक घोषणा करने वाले उपकरण, फायरिंग सिमुलेटर, जासूसी कैमरा, वॉयस रिकॉर्डर, कॉल डेटा रिकॉर्डर, शरीर पर लगाया जाने वाला कैमरा, नाइट विजन उपकरण समेत वैज्ञानिक जांच के लिए आधुनिक यंत्र सहित सुरक्षा से संबंधित सामान को मंजूरी देने का अधिकार है। आरपीएफ ने कहा कि इन उपकरणों से सुरक्षा बल की कार्य क्षमता में व्यापक बदलाव आ सकता है।
आरपीएफ के एक अधिकारी ने कहा, ‘अब तक आरपीएफ की उपकरणों की खरीद में कोई प्रत्यक्ष संलिप्तता नहीं होती थी। जोन और मंडलों में अधिकारी जमीनी जरूरतों को अच्छी तरह से समझ सकते हैं।’