चीनी सेना के साथ निर्णायक ढंग से निपटेंगे : जनरल नरवणे
थल सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे ने बुधवार को कहा कि पूर्वी लद्दाख में सेना चीन की पीपुल्स लिब्रेशन आर्मी (पीएलए) के साथ निर्णायक ढंग से और मजबूती से निपटेगी। उन्होंने कहा कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर सैनिक आंशिक रूप से पीछे हटे हैं, मगर खतरा अब भी कम नहीं हुआ है।
जनरल नरवणे ने कहा, सेना चीन की ओर से नए भू-कानून के अनुरूप किसी भी सैन्य गतिविधि से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। सेना प्रमुख ने कहा, उत्तरी सीमा पर डेढ़ साल में हमारी क्षमता बढ़ी है। किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए सभी सुरक्षा कदम उठाए हैं।
सियाचिन में दोनों सेनाएं आमने-सामने
जनरल नरवणे ने कहा, पाकिस्तान ने कब्जा करने की कोशिश की तो हमने भी वहां तैनाती की। पूरे सियाचिन ग्लेशियर में भारत और पाकिस्तान के सैनिक आमने-सामने हैं। सैनिकों को कम करने या हटाने के बारे में तब सोचा जा सकता है, जब वास्तविक नियंत्रण रेखा (एजीपीएल) को दोनों देश मंजूर कर लें। नरवणे ने कहा, पाकिस्तान का छद्म युद्ध जारी है। सीमा पार आतंकी शिविरों में 350-400 आतंकी प्रशिक्षण ले रहे हैं।
नगालैंड हत्या : जांच के नतीजों के आधार पर होगी उचित कार्रवाई
सेना प्रमुख जनरल नरवणे ने कहा है कि नगालैंड हत्या केस में जांच के नतीजों के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने नगालैंड के मोन जिले में हुई इस घटना को अफसोसजनक और दुर्भाग्यपूर्ण बताया। नगालैंड में सुरक्षा बलों के एक आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन में गलत पहचान के चलते 14 स्थानीय लोग मार गए थे। बाद में हुई झड़प में सुरक्षा बल का एक जवान की भी मौत हो गई थी।