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भारत-चीन सीमा: मुनस्यारी-मिलम सड़क के 2023 के आखिर तक पूरी होने की संभावना, मिलेगा अहम रणनीतिक फायदा 

Thu, 02 Dec 2021 11:16 PM IST
Amit Mandal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

मुनस्यारी की ओर से 25 किलोमीटर सड़क का निर्माण हो चुका है, लेकिन इसके बाद का 15 किलोमीटर का हिस्सा मुश्किल चट्टानों से होकर गुजरता है जिसके कारण देरी हुई है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमरउजाला
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विस्तार
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उत्तराखंड में 2012 से बन रही रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मुनस्यारी-मिलम सड़क के 2023 के आखिर तक पूरी होने की संभावना है। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के सीनियर अधिकारी एमएनवी प्रसाद ने बताया कि ऊंची पहाड़ियों पर बन रही सड़क को 2021 तक पूरा होना था लेकिन मुश्किल चट्टानों में रास्ता बनाने में दिक्कतें आई हैं जिसकी वजह से देरी हुई। उन्होंने बताया कि सर्दियों में जीरो डिग्री सेल्सियस से नीचे तापमान के अलावा कोविड महामारी के कारण भी प्रोजेक्ट को पूरा होने में देरी हुई है। 

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अंतिम सुरक्षा चौकियों तक पहुंचना आसान हो जाएगा
इस महत्वपूर्ण रणनीतिक सड़क के पूरा होने के बाद वाहनों द्वारा भारत-चीन सीमा पर जोहार घाटी में अंतिम सुरक्षा चौकियों तक पहुंचना आसान हो जाएगा। इस 65 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण बीआरओ कर रहा है और इसके 2023 के आखिर तक पूरा होने की संभावना है। इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए पहले 2015 का लक्ष्य रखा गया था लेकिन कई कारणों से इसे बढ़ाकर 2021 तक कर दिया गया था। अब इसे बढ़ाकर 2023 कर दिया गया है।

मुनस्यारी की ओर से 25 किलोमीटर सड़क का निर्माण पूरा
प्रसाद ने बताया है कि निर्माण एजेंसी मुनस्यारी की ओर से 25 किलोमीटर सड़क का निर्माण कर चुकी है लेकिन इसके बाद का 15 किलोमीटर का हिस्सा मुश्किल चट्टानों से होकर गुजरता है जिसके कारण देरी हुई है। मिलम की ओर से भी सड़क का नौ किलोमीटर का हिस्सा पूरा हो गया है। 
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इस सड़क के पूरा होने से भारत चीन सीमा पर जोहार घाटी में स्थित आखिरी सुरक्षा चौकियों तक वाहनों से पहुंचना आसान हो जाएगा। इसके साथ ही मिलम हिमनद देखने को आने वाले पर्यटक और जोहार घाटी के स्थानीय लोगों को भी इस सड़क से बहुत सुविधा हो जाएगी। 

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