विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मंगलवार को कहा कि भारत और ब्राजीज के बीच रणनीतिक साझेदारी बीते वर्षों में गहरी हुई है। उन्होंने कहा कि यह साझेदारी अब रक्षा, अंतरिक्ष, सुरक्षा, प्रौद्योगिकी और लोगों के बीच संबंधों जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में फैली हुई है। दिल्ली में नौवीं भारत-ब्राजील संयुक्त आयोग बैठक (जेसीएम) के उद्घाटन भाषण में जयशंकर ने लैटिन अमेरिकी देश को जी-20 बैठकों के सफल आयोजन के लिए बधाई दी।
जयशंकर ने कहा, "मैं ब्राजील की जी-20 अध्यक्ष के लिए भारत के पूर्ण समर्थन को दोहराना चाहूंगा और यह भी याद दिलाना चाहूंगा कि इसकी मेजबानी के दौरान हमें आपका पूरा समर्थन मिला था।" उन्होंने कहा, "हम एक 'न्यायसंगत दुनिया और एक टिकाऊ ग्रह का निर्माण' की थीम पर केंद्रित विभिन्न अनूठी पहलों की सराहना करते हैं।"
ब्राजील के विदेश मंत्री मौरो विएरा 25 अगस्त को दिल्ली पहुंचे। अपने उद्घाटन भाषण में उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा नवंबर में रियो डी जनेरियो में होने वाले जी-20 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत करने के लिए उत्सुक हैं। ब्राजील अभी जी-20 का अध्यक्ष है। पिछले साल भारत ने जी-20 की अध्यक्षता ब्राजील को सौंप दी थी।
जयशंकर ने अपने भाषण में ब्राजील के समकक्ष और उनकी टीम का स्वागत किया और कहा कि उन्हें संयुक्त आयोग की बैठक से बहुत अच्छे परिणामों की उम्मीद है। उन्होंने कहा, हमारी रणनीतिक साझेदारी 2006 में शुरू हुई थी, समय के साथ यह और भी गहरी व विविध हो गई है। अब यह साझेदारी रक्षा, अंतरिक्ष, साइबर सुरक्षा से लेकर स्वास्थ्य एवं चिकित्सा, पारंपरिक चिकित्सा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, संस्कृति और लोगों के आपसी संबंध बहुत सारे क्षेत्रों में फैली हुई है।
विदेश मंत्री ने कहा कि भारत और ब्राजील के बीच बेहतरीन द्विपक्षीय व्यापार व्यवस्था है और यह काफी हद तक बढ़ी है। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले साल हमें कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ा और इस पर वह विएरा से चर्चा की उम्मीद कर रहे हैं।