मणिपुर के सीएम एन. बीरेन सिंह ने थाडौ समुदाय के भाजपा नेता पर हमले पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि ये राज्य की एकता और अखंडता के लिए सीधी चुनौती है। सीएम ने मामले में कहा कि दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने मंगलवार को चुराचांदपुर जिले में हथियारबंद बदमाशों की तरफ से भाजपा नेता और थाडौ समुदाय के सदस्य माइकल लामजाथांग हाओकिप के आवास पर किए गए हमले की निंदा की। सीएम ने कहा कि हाओकिप के घर पर हमला पूर्वोत्तर राज्य की एकता और अखंडता के लिए सीधी चुनौती है।
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सीएम ने हमले को बताया कायरतापूर्ण कृत्य
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में कहा, मणिपुर की सबसे पुरानी जातीय जनजातियों में से एक थाडौ समुदाय के नेता और भाजपा प्रवक्ता माइकल लामजाथांग के घर में तोड़फोड़ करके उनके परिवार के सदस्यों पर हमला कायरतापूर्ण कृत्य है। बता दें कि थाडौ कुकी की सबसे बड़ी उप-जनजातियों में से एक है।
'राज्य की एकता और अखंडता के लिए सीधी चुनौती'
सीएम ने आगे कहा, कि मैं हमारी मान्यता प्राप्त जनजातियों में से एक पर इस व्यक्तिगत हमले को राज्य की एकता और अखंडता के लिए सीधी चुनौती मानता हूं। मणिपुर की मान्यता प्राप्त जनजातियों के किसी विशेष समुदाय पर हमले के साथ-साथ भाजपा प्रवक्ता के परिवार पर हमले की कड़े शब्दों में निंदा की जाती है।
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रविवार की रात हथियारबंद बदमाशों ने किया हमला
दरअसल रविवार रात को चुराचांदपुर जिले के पेनियल गांव में हाओकिप के आवास पर हमला किया गया, जब वे एक स्थानीय टीवी चैनल पर कुकी वर्चस्व और उसका एजेंडा नाम के पैनल चर्चा में शामिल होने के कुछ ही घंटे बाद वहां पहुंचे थे। इस महीने की शुरुआत में मुख्यमंत्री ने विधानसभा में कहा था कि वे थाडौ समूह के लोगों को इंफाल घाटी क्षेत्र में आमंत्रित करने के बारे में सोच रहे हैं।
इंफाल घाटी में बहुसंख्यक है मैतेई समुदाय
थाडौ से संबंधित कई जनजातियों को सामूहिक रूप से कुकी समुदाय कहा जाता है, जिसके सदस्य ज्यादातर पूर्वोत्तर राज्य के पहाड़ी जिलों में रहते हैं। मैतेई समुदाय के सदस्य इंफाल घाटी क्षेत्र के बहुसंख्यक निवासी हैं। पिछले साल मई से उनके और कुकी लोगों के बीच जातीय हिंसा में 200 से ज्यादा लोग मारे गए हैं और हजारों लोग बेघर हो गए हैं।