लोकसभा और राज्य से निलंबित हुए इतने सांसद
राज्यसभा में 'इंडिया' गठबंधन 95 सांसद हैं, जिसमें से 45 को सोमवार को निलंबित कर दिया गया। उनके एक अन्य सांसद आम आदमी पार्टी के संजय सिंह पहले ही निलंबित हैं और दिल्ली शराब नीति मामले में सलाखों के पीछे हैं। दूसरी ओर, लोकसभा में इंडिया गठबंधन के पास कुल 133 सांसद हैं, जिनमें से 46 (लगभग एक तिहाई) निलंबित हैं। इन 46 सांसदों में 33 सोमवार को निलंबित किए गए और 13 सांसद पहले निलंबित किए जा चुके हैं।
खरगे, सोनिया और राहुल को करनी होगी अगुवाई
अपने अधिकांश नेताओं के निलंबन के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को राज्यसभा और कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी और पार्टी के पूर्व प्रमुख राहुल गांधी को लोकसभा में इंडिया गठबंधन का नेतृत्व करना होगा। राकांपा नेता शरद पवार, सदन में माकपा के नेता इलामारम करीम और द्रमुक नेता तिरुचि शिवा को भी खरगे के साथ उच्च सदन में विपक्ष का नेतृत्व करना होगा।
इन नेताओं को किया गया राज्यसभा से निलंबित
राज्यसभा में निलंबित किए गए नेताओं में तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ ब्रायन और उपनेता सुखेंदु शेखर रे; सदन में राजद के नेता मनोज कुमार झा; सदन में समाजवादी पार्टी के नेता राम गोपाल यादव; सदन में जदयू के नेता रामनाथ ठाकुर; झामुमो नेता महुआ माजी; केरल कांग्रेस (एम) के सदन के नेता जोस के मणि और सदन में सीपीआई नेता बिनॉय विश्वम शामिल हैं।
निचले सदन में कौन संभालेगा कांग्रेस की कमान
लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी और उपनेता गौरव गोगोई को निलंबित कर दिया गया है और उनके मुख्य सचेतक के सुरेश और सचेतक मणिकम टैगोर को भी निलंबित कर दिया गया है। निचले सदन में कांग्रेस के सचेतक रवनीत सिंह बिट्टू और शशि थरूर तथा मनीष तिवारी जैसे नेताओं को अन्य नेताओं की गैर-मौजूदगी में विपक्षी दल की कमान संभालनी होगी। लोकसभा में द्रमुक के टी आर बालू, माकपा के पी आर नटराजन, आईयूएमएल के ई टी मोहम्मद बशीर, आरएसपी के एन के प्रेमचंद्रन, टीएमसी के कल्याण बनर्जी को निलंबित कर दिया गया है।
इन वरिष्ठ नेताओं को भी दिखाया सदन से बाहर का रास्ता
इसके अलावा राजामोहन उन्नीथन, सु. तिरुनावुक्करसर, के मुरलीधरन, एंटो एंटनी और अमर सिंह (सभी कांग्रेस से) और अपरूपा पोद्दार, प्रसून बनर्जी, सौगत रे, शताब्दी रे, प्रोतिमा मंडल, काकोली घोष दस्तीदार, असित कुमार मल, सुनील कुमार मंडल (सभी टीएमसी से) जैसे वरिष्ठ नेताओं को भी निलंबित कर दिया गया है। लोकसभा में निलंबित किए गए अन्य सदस्यों में ए राजा, दयानिधि मारन, टी सुमति, के नवास कानी, कलानिधि वीरसामी, सी एन अन्नादुरई, एस एस पलानीमणिकम, जी सेल्वम, एस रामलिंगम (सभी द्रमुक से) और कौशलेंद्र कुमार (जदयू) शामिल हैं।
राज्यसभा के शेष सत्र के लिए ये सांसद निलंबित
राज्यसभा में शेष सत्र के लिए निलंबित किए गए 34 सांसदों में से 12 कांग्रेस के हैं। निलंबित किए गए राज्यसभा सदस्यों में प्रमोद तिवारी, जयराम रमेश, अमी याज्ञनिक, नारनभाई जे राठवा, सैयद नासिर हुसैन, श्रीमती फूलो देवी नेताम, शक्तिसिंह गोहिल, के सी वेणुगोपाल, रजनी अशोकराव पाटिल, रंजीत रंजन, इमरान प्रतापगढ़ी, रणदीप सिंह सुरजेवाला (सभी कांग्रेस); और टीएमसी के सात सदस्य: सुखेंदु शेखर रे, मोहम्मद नदीमुल हक, अबीर रंजन बिस्वास, शांतनु सेन, मौसम नूर, प्रकाश चिक बड़ाइक और समीरुल इस्लाम शामिल हैं।
शीतकालीन सत्र के लिए ये सदस्य भी निलंबित
शीतकालीन सत्र के लिए निलंबित किए गए अन्य सदस्यों में एम षणमुगम, एन आर इलांगो, कनिमोई एनवीएन सोमू, आर गिरिराजन (सभी द्रमुक), मनोज कुमार झा, फैयाज अहमद (दोनों राजद), वी शिवदासन (माकपा), रामनाथ ठाकुर, अनील प्रसाद हेगड़े (दोनों जदयू), वंदना चव्हाण (राकांपा), राम गोपाल यादव, जावेद अली खान (दोनों सपा), महुआ माजी (झामुमो), जोस के मणि (केसी-एम) और अजीत कुमार भुइयां (केसी-एम) शामिल हैं।
विशेषाधिकार समिति को भेजे गए 11 विपक्षी सदस्यों के नाम
विशेषाधिकार समिति को जिन 11 विपक्षी सदस्यों के नाम भेजे गए हैं, उनमें जेबी माथेर हिशाम, एल हनुमनथैया, नीरज डांगी, राजमणि पटेल, कुमार केतकर, जीसी चंद्रशेखर (सभी कांग्रेस), बिनॉय विश्वम, संदोश कुमार पी (दोनों भाकपा), मोहम्मद अब्दुल्ला (द्रमुक), जॉन ब्रिटास और ए ए रहीम (दोनों माकपा) शामिल हैं।
विपक्ष और भाजपा ने एक-दूसरे पर साधा निशाना
निलंबन के बाद राजनीतिक भूचाल आ गया और विपक्षी सदस्यों ने कार्रवाई को 'लोकतंत्र की हत्या' करार दिया। वहीं, भाजपा नेता एवं केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने दावा किया कि यह कार्रवाई जरूरी थी क्योंकि विपक्षी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष और राज्यसभा के सभापति का अपमान किया। कांग्रेस और उसके सहयोगियों पर अपने आचरण से देश को 'शर्मसार' करने का आरोप लगाते हुए गोयल ने पत्रकारों से कहा कि विपक्षी सदस्य तख्तियां लेकर आए और जानबूझकर संसदीय कार्यवाही बाधित की। जबकि पहले फैसला किया गया था कि सदन में तख्तियां लाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।