भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्ररीय सीमा पर बीएसएफ के जवानों ने एक बड़ी पशु तस्करी को नाकाम कर दिया। पशु तस्कर भारत से बांग्लादेश पशु ले जाने की कोशिश कर रहे थे। जब जवान ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो तस्करों ने जवान पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया। जवान ने किसी तरह से अपनी जान बचाते हुए, आत्मरक्षा में फायर की, जिसमें एक पशु तस्कर ढेर हो गया। मृतक तस्कर की पहचान बांग्लादेशी के रूप में हुई है।
दक्षिण बंगाल सीमांत के प्रवक्ता डीआईजी एके आर्य ने बताया कि दक्षिण बंगाल सीमांत के अंतर्गत सीमा सुरक्षा बल की 159 बटालियन की सीमा चौकी इटाघाटी (जिला मालदा) के जवानों को सूचना मिली कि कुछ मवेशी तस्कर मवेशियों को भारत से बांग्लादेश ले जाने की कोशिश कर सकते हैं। दो अप्रैल की रात लगभग रात दस बजे प्रथम एसीपी ड्यूटी के जवान अपने गश्त क्षेत्र में थे। अचानक उन्होंने बॉर्डर रोड पर 6 से 7 मवेशियों के साथ लगभग 8-10 पशु तस्करों की संदिग्ध भारत की ओर गतिविधि देखी। उनके पास लाठियां और तेज धार वाले हथियार (दाह) और तलवारें थीं।
आर्य ने बताया कि संदिग्ध हरकत देखकर जवान बदमाशों की ओर भागा और उन्हें रुकने के लिए चुनौती दी। रुकने की बजाय पशु तस्कर आक्रामक रूप से जवान ओर बढ़े। ठीक उसी समय 20 से 25 तस्कर बांग्लादेश की ओर से घटनास्थल पर आ गए। जवान के चेहरे और आंखों पर लाइटें जलाकर उसे अंधा और अप्रभावी बनाने का प्रयास किया। तस्कर जवान की ओर बढ़ने लगे, फिर से उन्हें रुकने की चेतावनी दी लेकिन वे नहीं रूके। जवान ने हवा में तीन राउंड और जमीन में तीन राउंड फायर किए। लेकिन तस्करों ने जवान को घेरना जारी रखा और तस्कर जवान के काफी नजदीक आ गए।
आर्य ने बताया कि जान को खतरे में महसूस करने और कोई अन्य विकल्प न मिलने पर जवान ने आत्मरक्षा में तस्करों पर फिर से चार राउंड फायरिंग की। इस पर तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर मवेशियों को छोड़कर बांग्लादेश की ओर भाग गए। इसी बीच अन्य गश्ती दल भी घटना स्थल पर पहुंच गया। इलाके की तलाशी ली तो एक तस्कर मृत अवस्था में मिला।
जवानों ने घटना स्थल की गहनता से तलाशी ली और घटना स्थल पर छह मवेशी, एक टॉर्च, एक मोबाइल फोन और दो धारदार दाह और एक लाठी भी मिली। सूत्रों से मिली खबर से पता चला है कि मृतक बांग्लादेशी पशु तस्कर की पहचान शैफुल जिला. चपाइनवाबगंज, बांग्लादेश के रूप में हुई है।