फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भारत-बांग्लादेश: सीमा सुरक्षा बलों का बड़ा फैसला, पांच विकास परियोजनाएं शुरू; सीमावर्ती आबादी को होगा फायदा

Wed, 14 Jun 2023 07:51 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

चार दिवसीय द्विवार्षिक सीमा वार्ता सम्मेलन के 53वें संस्करण का नेतृत्व बीएसएफ और बीजीबी के प्रमुखों/महानिदेशकों ने किया और इसका समापन राष्ट्रीय राजधानी के छावला इलाके में स्थित बीएसएफ शिविर में चर्चा के संयुक्त रिकॉर्ड पर हस्ताक्षर करने के साथ हुआ। 
विज्ञापन
1 of 6
भारत और बांग्लादेश ने शुरू कीं पांच संयुक्त विकास परियोजना - फोटो : ट्विटर/बीएसएफ
बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने हाल ही में अपने भारतीय समकक्ष नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू समेत शीर्ष नेताओं सद्भावना संदेश के रूप में आम भेजे हैं। इनकी खूब चर्चा हो रही है। इस बीच, दोनों देशों के सुरक्षा बलों ने 4096 किलोमीटर लंबी साझा सीमा पर पांच विकास परियोजनाओं को शुरू करने का महत्वपूर्ण फैसला लिया है। इन परियोजनाओं के तहत संयुक्त नागरिक कार्य शुरू होने से दोनों पक्षों की स्थानीय आबादी को लाभ मिलेगा। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। 
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 6
दोनों देशों के सीमा बलों के प्रमुख - फोटो : ट्विटर/बीएसएफ
राजधानी दिल्ली में 11 जून से चार दिवसीय द्विवार्षिक सीमा वार्ता सम्मेलन शुरू हुआ था। सम्मेलन के अंत में भारत के सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और सीमा रक्षक बांग्लादेश (बीजीबी) ने यह भी कहा कि वे सीमा क्षेत्र में बांग्लादेशी नागरिकों की हत्या की घटनाओं को कम करने के लिए स्वतंत्र और संयुक्त रूप से काम कर रहे हैं। इन हत्याओं का मुद्दा दोनों पड़ोसियों के बीच एक बड़ी अड़चन रहा है। बीएसएफ मानता है कि इन हत्याओं के पीछे बदमाश और तस्कर हैं, जो उनके कर्मियों पर हमला करते हैं या अन्य सीमा पार अपराधों में शामिल होते हैं। 
विज्ञापन

3 of 6
चार दिवसीय द्विवार्षिक सीमा वार्ता सम्मेलन का समापन - फोटो : ट्विटर/बीएसएफ
सम्मेलन के 53वें संस्करण का नेतृत्व बीएसएफ और बीजीबी के प्रमुखों/महानिदेशकों (डीएसजी) ने किया और इसका समापन राष्ट्रीय राजधानी के छावला इलाके में स्थित बीएसएफ शिविर में चर्चा के संयुक्त रिकॉर्ड पर हस्ताक्षर करने के साथ हुआ। इस सम्मेलन के दौरान एक महत्वपूर्ण फैसले में कुल पांच विकास परियोजनाओं पर सहमति व्यक्त की गई, जिससे क्षेत्र में प्रगति और समृद्धि की दिशा में संयुक्त प्रयासों को बढ़ावा मिलेगा।
 

4 of 6
पांच विकास परियोजनाएं शुरू करने पर भारत-बांग्लादेश सहमत - फोटो : ट्विटर/बीएसएफ
बीएसएफ ने एक बयान में कहा कि यह फैसला जीवन की समग्र गुणवत्ता में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और दोनों देशों के बीच मजबूत द्विपक्षीय व्यापार और संबंधों को बढ़ावा देने का काम करेगा। ये पांच विकास परियोजनाएं पांच राज्यों असम, पश्चिम बंगाल, मिजोरम, मेघालय और त्रिपुरा में भारत के पूर्वी किनारे पर लगने वाली सीमा के साथ एक बेली ब्रिज के निर्माण, सड़क की मरम्मत और रिटेनिंग दीवारों को मजबूत करने से संबंधित हैं।
 
विज्ञापन

5 of 6
सीमा सुरक्षा बल - फोटो : ट्विटर/बीएसएफ
दोनों प्रमुखों ने एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा कि वे यह सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठा रहे हैं कि सुरक्षा बलों के हाथों सीमा पर हत्याओं की घटनाओं में कमी आए। बीएसएफ के कार्यवाहक महानिदेशक सुजॉय लाल थाओसेन ने कहा कि उनके जवानों को अंतिम उपाय के तौर पर शरारती तत्वों पर गोलियां चलानी पड़ीं। वहीं, बीजीबी के महानिदेशक मेजर जनरल एकेएम नजमुल हसन ने कहा कि यह मुद्दा उनके लिए बड़ी चिंता का विषय है और अगर दोनों पक्ष मिलकर काम करते हैं तो हत्याएं कम हो जाएंगी। 
 
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Social Media
थाओसेन ने कहा, बीएसएफ अपराधियों के बीच भेदभाव नहीं करता है। जब इस तरह की घटना होती है तो इसे उस समय अंतिम उपाय के रूप में किया जाता है जब ड्यूटी पर तैनात बीएसएफ के एक जवान की जान को खतरा होता है। बीएसएफ गैर-घातक हथियारों के इस्तेमाल में विश्वास करता है और यह हमारी नीति रही है, इसे अनिवार्य कर दिया गया है और इसका सख्ती से पालन किया जाता है। हालांकि, जब हम पाते हैं कि बीएसएफ कर्मियों द्वारा आवश्यकता से अधिक बल का इस्तेमाल किया गया तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाती है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें