फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच ऐतिहासिक करार, हिंद प्रशांत में सैन्य अड्डों का होगा इस्तेमाल, ड्रैगन पर लगेगी लगाम

Fri, 05 Jun 2020 05:27 AM IST
श्रीधर मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रेलियाई पीएम स्कॉट मॉरिसन - फोटो : PTI
विज्ञापन

हिंद प्रशांत क्षेत्र में चीन के खिलाफ मोर्चाबंदी और रक्षा सहयोग बढ़ाने के साथ एक-दूसरे के सैन्य अड्डों का इस्तेमाल के लिए भारत-आस्ट्रेलिया के बीच बृहस्पतिवार को करार हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रेलियाई पीएम स्कॉट मॉरिसन के बीच हुए पहले वर्चुअल सम्मेलन में दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने वाले सात समझौते हुए हैं।

विज्ञापन


वर्चुअल सम्मेलन में पीएम मोदी और मॉरिसन ने कोरोना महामारी, आपसी सहयोग और हिंद महासागर के मुद्दे पर चर्चा की। नए समझौते के बाद अब दोनों देशों की सेना हिंद प्रशांत क्षेत्र में एक-दूसरे के ठिकानों का इस्तेमाल हथियारों की मरम्मत और आपूर्ति के लिए कर सकेंगी। दरअसल, चीन के खिलाफ मोर्चाबंदी के लिए भारत ऐसा ही करार अमेरिका, फ्रांस और सिंगापुर के साथ पहले ही कर चुका है। इसके अलावा भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच साइबर, तकनीक, खनन और खनिज, सैन्य तकनीक, पेशेवर शिक्षा और जन संसाधन प्रबंधन के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए छह करार हुए हैं।

आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में साथ

दोनों नेताओं ने आतंकवाद के खिलाफ मिलकर लड़ने पर सहमति जताते हुए कहा, शांति और स्थिरता बहाली में आतंकवाद सबसे बड़ी बाधा है। इसे जड़ से खत्म करना होगा। आतंकी गतिविधियों को किसी कीमत पर नजरंदाज नहीं किया जा सकता। दोनों ने अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद पर व्यापक सम्मेलन की मांग की। इसके अलावा नौसेना सहयोग, डब्ल्यूटीओ में सुधार और कोरोना वायरस से निपटने में भी सहयोग का वादा किया।
विज्ञापन


संकट को अवसर के रूप में देख रहा भारत

मोदी ने कहा, कोरोना संकट को भारत अवसर के रूप में देख रहा है। भारत ने समग्र सुधार की प्रक्रिया शुरू की है। बहुत जल्द जमीनी स्तर पर इसके परिणाम दिखेंगे। उन्होंने कहा, भारत और ऑस्ट्रेलिया के संबंधों को सशक्त करने के लिए यह उपयुक्त मौका है। हमारी दोस्ती और मजबूत करने की असीम संभावनाएं हैं। पीएम ने ऑस्ट्रेलिया में भारतीय समुदाय खासतौर से छात्रों का ध्यान रखने पर मॉरिसन का आभार जताया।

मॉरिसन ने की मोदी की सराहना

आस्ट्रेलियाई पीएम मॉरिसन ने जी-20 समेत अन्य मंचों पर रचनात्मक और सकारात्मक भूमिका के लिए पीएम मोदी की सराहना की। कोरोना वायरस से निपटने के लिए उनकी वैश्विक पहल को आगे बढ़ाने के जज्बे को सलाम किया। मॉरिसन ने कहा, भारत ने हिंद प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता के लिए सराहनीय काम किया है। उन्होंने उम्मीद जताई की पीएम मोदी के साथ यह बातचीत दोनों देशों के रिश्तों को एक नया आयाम देगी।

समोसे का स्वाद ले मॉरिसन बोले, मोदी के लिए खुद बनाएंगे खिचड़ी

मॉरिसन ने बातचीत के बीच समोसे और चटनी का जायका लेते हुए पीएम मोदी का धन्यवाद दिया और कहा, अगली बार जब दोनों मिलेंगे तो वह खुद खिचड़ी बनाकर मोदी को खिलाएंगे। मॉरिसन ने कहा, मैं आप की झप्पी को बहुत मिस कर रहा हूं। हालात ठीक होते ही मिलने आऊंगा। पीएम मोदी ने भी कहा, हमारी आज की मुलाकात आपकी भारत यात्रा का स्थान नहीं ले सकती। एक मित्र के नाते मेरा आपसे आग्रह है कि स्थिति सुधरने के बाद आप शीघ्र सपरिवार भारत आएं और हमारा आतिथ्य स्वीकार करें।

भारत ऑस्ट्रेलिया के बीच कारोबार की स्थिति

  • 21 अरब डॉलर का कारोबार दोनों देशों में 2018-19 में
  • 10.74 अरब डॉलर का निवेश ऑस्ट्रेलिया का भारत में
  • 1 अरब डॉलर का निवेश नेशनल इंवेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर में
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें