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एनएसजी में भारत की सदस्यता पर ऑस्ट्रेलिया करेगा समर्थन, दोनों देशों के बीच हुए और भी कई अहम समझौते

Fri, 05 Jun 2020 04:23 AM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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pm modi and scott morisson - फोटो : पीटीआई
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परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह में भारत की सदस्यता का ऑस्ट्रेलिया समर्थन करेगा। ऑस्ट्रेलियाई पीएम स्कॉट मॉरिसन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत के दौरान  गुरुवार को यह आश्वासन दिया। दोनों नेताओं के बीच पहले वर्चुअल सम्मेलन में मॉरिसन ने यूएन सुरक्षा परिषद में भी भारत की स्थायी सदस्यता का समर्थन किया।

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दोनों नेताओं की वार्ता के बाद जारी संयुक्त बयान में ऑस्ट्रेलिया ने कहा, दोनों पक्षों ने निरंतर द्विपक्षीय असैन्य परमाणु सहयोग के लिए समर्थन और वैश्विक अप्रसार को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्धता को दोहराया। मॉरिसन ने कहा, ऑस्ट्रेलिया भारत की एनएसजी में स्थायी सदस्यता का समर्थन करता है। भारत ने इस सदस्यता के लिए मई 2016 में ओदन दिया था।

कई देशों का समर्थन होने के बावजूद चीन भारत का विरोध करता रहा है। इस दौरान ऑस्ट्रेलिया ने भारत के साथ अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) की रणनीतिक साझेदारी का भी स्वागत किया। मॉरिसन ने इस दिशा में आगे काम करने की इच्छा व्यक्त की।
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जलवायु परिवर्तन के क्षेत्र में भी साथ करेंगे काम
ऑस्ट्रेलिया ने जलवायु परिवर्तन और ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्र में भी भारत के साथ मिलकर काम करने की इच्छा जताई है। इसके अलावा क्षेत्रीय और वैश्विक महत्व के मुद्दों पर भी सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया।  

 शिक्षा क्षेत्र में साझेदारी बढ़ाएंगे
स्कॉट मॉरिसन ने कहा, शिक्षा जीवन के लिए बेहद जरूरी है और भविष्य में दोनों देश इस क्षेत्र में साझेदारी बढ़ाएंगे। हम अनुसंधान को बढ़ावा देंगे और हमारे छात्रों के लिए एक दूसरे के कैंपस खोलेंगे ताकि परस्पर समझ बढ़े और हमारे युवाओं को नई चीजें सीखने का मौका मिले। उन्होंने कहा, हमारे छात्र भारत जाएंगे और भारतीय छात्रों का ऑस्ट्रेलिया में स्वागत है।

विदेश व रक्षा मंत्रियों की टू पल्स टू वार्ता पर जोर
दोनों देशों के बीच विदेश व रक्षा मंत्रियों की टू प्लस टू वार्ता आयोजित करने को लेकर भी बातचीत हुई। इसमें दोनों देशों के नेता कम से कम हर दो साल में रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा करेंगे। इस वार्ता का आयोजन आपसी सहमति से किया जाएगा।

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