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भारत ने 18वीं बार कुलभूषण के लिए मांगी कांसुलर एक्सेस, पाकिस्तानी जेलों में बंद हैं 546 भारतीय

Sat, 01 Jul 2017 04:26 PM IST
amarujala.com- Presented by: श्रवण शुक्ला
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Amar Ujala
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भारत और पाकिस्तान ने अपनी जेलों में बंद एक-दूसरे देशों के कैदियों की लिस्ट आपस में साझा की। इस दौरान भारत ने कुलभूषण जाधव और हामिद नेहाल अंसारी समेत पाकिस्तानी जेलों में बंद भारतीय नागरिकों के लिए कांसुलर एक्सेस भी देने की मांग की। ये 18वां मौका है, जब भारत ने कुलभूषण जाधव के लिए कांसुलर एक्सेस मांगी है। उम्मीद जताई जा रही है कि दोनों देशों की ये आपसी पहल कुलभूषण जाधव के लिए राहत की खबर लाएगी। 
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पाकिस्तान द्वारा सौंपी गई लिस्ट के मुताबिक मौजूदा समय में कुल 546 भारतीय नागरिक पाकिस्तानी जेलों में बंद हैं। इनमें से 52 आम नागरिक हैं, तो 494 मछुवारे। भारत-पाक के बीच कैदियों की जानकारी की अदला-बदली साल में दो बार 1जनवरी और 1 जुलाई को होती है। ये भारत-पाक के बीच कांसुलर एक्सेस एग्रीमेंट के तहत होता है, जो 21 मई 2008 से प्रभावी है।

पाक उच्चायुक्त बोले- कुलभूषण जाधव की सजा पर फिर सोचेगा पाकिस्तान

भारत सरकार के विदेश मामलों के मंत्रालय ने इस बात की जानकारी दी है कि भारत और पाकिस्तान ने अपनी -अपनी जेलों में बंद पाकिस्तानी और भारतीय नागरिकों की सूची आपस में साझा की है। इस लिस्ट में उन सभी कैदियों के नाम हैं, जो भारत के होकर पाकिस्तानी जेलों में बंद हैं, या पाकिस्तानी नागरिक होकर भारत की जेलों में बंद हैं।
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India and Pakistan today exchanged lists of nationals of each country lodged in the jails of the other country: MEA — ANI (@ANI_news) July 1, 2017 विदेश मामलों के मंत्रालय ने साथ ही ये भी जानकारी दी है कि भारत ने एक बार फिर से पाकिस्तान के सामने कुलभूषण जाधव का मामला रखा है। भारत ने पाकिस्तान से कुलभूषण जाधव और हामिल नेहाल अंसारी समेत उन भारतीयों को कांसुलर एक्सेस देने की मांग की है, जो पाकिस्तानी जेलों में बिना किसी कानूनी मदद के बंद हैं। Again requested Pakistan to grant consular access to Indians lodged in their custody including Hamid Nehal Ansari&Kulbhushan Jadhav: MEA — ANI (@ANI_news) July 1, 2017 गौरतलब है कि कुलभूषण जाधव को कांसुलर एक्सेस दिए बिना और अपना पक्ष सही तरीके से रखे बिना पाकिस्तान की मिलिट्री कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है। इसके विरोध में भारत ने अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय का रुख किया था, जिसने कुलभूषण जाधव की फांसी पर रोक लगा दी थी। 
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