भारत ने नेपाल को नसीहत देते हुए कहा है कि वह उन देशों पर निर्भर न रहे जो अपनी शर्तों पर मदद करते हैं और क्षमता निर्माण को बढ़ावा नहीं देते। भारत का स्पष्ट इशारा चीन की ओर था, जो पिछले कुछ वर्षों से नेपाल में मदद और प्रभाव दोनों बढ़ा रहा है। इस समय चीनी सैनिक नेपाली जवानों के साथ संयुक्त अभ्यास भी कर रहे हैं।
नेपाल की राष्ट्रपति बिद्या देवी भंडारी की मौजूदगी में एक कांफ्रेंस में विदेश राज्य मंत्री वीके सिंह ने मंगलवार को कहा कि सहयोग करने का हमारा मॉडल भिन्न है क्योंकि भारत किसी को निर्भर नहीं बनाता है। उन्होंने कहा, ‘मैं आपको बता सकता हूं कि दुनिया के कई देश ऐसे हैं जो अलग मॉडल पर काम करते हैं और ऐसी परियोजनाओं को चुनते हैं जिसमें वे अपनी भूमिका ज्यादा दिखा सकें, आपकी नहीं। वे परियोजनाओं को खुद ही संचालित करना चाहते हैं जिससे आप उसके लिए सक्षम न हो सकें।’ केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत खुशहाल, शांतिपूर्ण और विकास की ओर अग्रसर नेपाल देखना चाहता है।
भारत की पहली आधिकारिक यात्रा पर आईं नेपाल की राष्ट्रपति बिद्या देवी भंडारी ने मंगलवार को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और वित्त मंत्री अरुण जेटली से मुलाकात की।