मधुमेह के खिलाफ अब भारत और फ्रांस मिलकर लड़ेंगे। नई दिल्ली स्थित भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने दोनों देशों के वैज्ञानिकों को एक साथ लाने के लिए योजना तैयार की है, जिसके तहत भारत और फ्रांस की प्रयोगशालाओं में मधुमेह के आनुवंशिक मार्करों का पता लगाया जाएगा।
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आईसीएमआर के अनुसार, भारत में इस समय करीब 10 करोड़ से ज्यादा लोग मधुमेह पीड़ित हैं, जो 2045 तक 12.40 करोड़ से अधिक हो सकती है। अध्ययन के अनुसार, पिछले चार दशकों में भारत में मधुमेह के प्रसार में तेजी से वृद्धि हुई है। मधुमेह दीर्घकालिक गैर-संचारी रोग मधुमेह एक तरह से महामारी का रूप ले चुका है, जिसकी चपेट में फ्रांस की आबादी भी है।