सर्वे के मुताबिक, 75.5 फीसदी व्यक्तियों और 22.4 फीसदी फर्मों ने अपनी अनुमानित कर देनदारी से अधिक टीडीएस का भुगतान नहीं किया। कराधान व्यवस्था को सुव्यवस्थित, सरल व स्वचालित करने के लिए हाल के वर्षों में सरकार ने व्यापक उपाय किए हैं।
आयकर रिफंड में पिछले पांच वर्षों में तेजी आई है। कंफेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (सीआईआई) के सर्वे में दावा किया गया है, कम से कम 89 फीसदी व्यक्तियों और 88 फीसदी कंपनियों का मानना है कि 2018-2023 के बीच आयकर रिफंड पाने के लिए वेटिंग अवधि में अधिक कमी आई है।
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सर्वे के मुताबिक, 75.5 फीसदी व्यक्तियों और 22.4 फीसदी फर्मों ने अपनी अनुमानित कर देनदारी से अधिक टीडीएस का भुगतान नहीं किया। कराधान व्यवस्था को सुव्यवस्थित, सरल व स्वचालित करने के लिए हाल के वर्षों में सरकार ने व्यापक उपाय किए हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, 87 फीसदी व्यक्तियों व 89 फीसदी कंपनियों को लगता है कि रिफंड का दावा करने की प्रक्रिया सुविधाजनक है। सीआईआई के महानिदेशक चंद्रजीत बोस ने कहा, यह रिफंड पाने की प्रक्रिया को सरल बनाने के सरकार के प्रयासों को दर्शाता है।
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आयकर विभाग के प्रति बढ़ा भरोसा
सीआईआई का सर्वेक्षण अक्तूबर, 2023 में 3,531 उत्तरदाताओं के बीच किया गया था। इनमें से 56.4 फीसदी व्यक्ति थे। 43.6 फीसदी फर्म या संगठन थे। इस सर्वे में देश के प्रमुख राज्यों को शामिल किया गया था। आईटीआर रिफंड प्रक्रिया में स्वचालन और सरलीकरण ने करदाताओं में टैक्स विभाग के प्रति विश्वास बढ़ा दिया है।