भाजपा के पूर्व सांसद किरीट सोमैया (बाएं) और महाराष्ट्र के उपमुख्यंत्री अजीत पवार।
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भाजपा के पूर्व सांसद किरीट सोमैया ने अजीत पवार से जुड़े परिसरों पर आयकर विभाग की रेड को भारत में सबसे बड़ी छापेमारी बताया है। सोमैया ने बुधवार को यह दावा किया। आईटी विभाग ने पिछले हफ्ते महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के परिवार के सदस्यों से जुड़े परिसरों पर छापे मारे।
सोमैया ने एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान दावा किया, "छापे पिछले 7 दिनों से चल रहे हैं। मुझे लगता है कि छापों की आंच 24 से अधिक प्रमोटरों, निदेशकों, मालिकों, फर्मों, परियोजनाओं तक पहुंच गई है। शायद आयकर अधिकारी दीवारों, सर्वर रूम, बेसमेंट और पार्किंग स्थलों में छुपाकर रखी गई चीजें बरामद कर रहे हैं।’’
अधिकारियों ने कर चोरी के आरोपों के आधार पर अजित पवार की बहनों और अन्य रिश्तेदारों से जुड़े व्यवसायों की भी तलाशी ली थी। सोमैया ने अजित पवार और सतारा जिले की एक चीनी मिल के बीच लिंक होने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, "मैं अजित पवार से पूछना चाहता था कि उस चीनी मिल के मालिक और मुख्य शेयरधारक कौन हैं।” सोमैया ने कहा कि अगर नेटफ्लिक्स (आईटी छापे पर) एक श्रृंखला बनाने का फैसला करता है, तो अजित पवार को कम से कम 200 करोड़ रुपये से 400 करोड़ रुपये की रॉयल्टी मिलेगी।
उन्होंने आरोप लगाया, "यह ठाकरे-पवार सरकार नंबर एक घोटालेबाज सरकार है। भाजपा का लक्ष्य महाराष्ट्र को इस घोटालेबाज सरकार से मुक्त कराना है।” अजित पवार ने पहले संवाददाताओं से कहा था कि वह इस मामले पर तभी बोलेंगे जब सरकारी मेहमान तलाशी के बाद वापस चले जाएंगे।