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Traditional Medicine Center: पारंपरिक चिकित्सा अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन, 17 देश के 150 प्रतिनिधि शामिल

Thu, 02 Mar 2023 09:50 PM IST
शक्तिराज सिंह एन. अर्जुन, अमर उजाला, गुवाहाटी

सार

इस कार्यक्रम में भारत सहित 17 देशों के 150 से अधिक प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं, जिसमें उच्च स्तरीय प्रतिनिधि जैसे स्वास्थ्य मंत्री, आधिकारिक प्रतिनिधि और एससीओ एवं भागीदार देशों के विदेशी खरीदार शामिल हैं। 
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पारंपरिक चिकित्सा अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन के दौरान केंद्रीय आयुष मंत्री सर्बानंद सोनोवाल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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केंद्रीय आयुष मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज के लक्ष्य की ओर बढ़ते हुए भारत ने लोगों को स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के साथ-साथ आयुर्वेद और चिकित्सा की अन्य पारंपरिक प्रणालियों के माध्यम से उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों का सर्वोत्तम उपयोग किया है। भारत के सहयोग से जामनगर में स्थापित किए जा रहे विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ-जीसीटीएम) के पारंपरिक चिकित्सा के लिए वैश्विक केंद्र, सदस्य देशों को पारंपरिक चिकित्सा की शिक्षा और पद्धतियों को मजबूत करने के लिए अपने संबंधित देशों में सक्षम कदम उठाने में मदद करेगा। 
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उन्होंने कहा, इससे एससीओ देशों के पारंपरिक चिकित्सा को बल मिलेगा। वे आज यहां शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के तहत पारंपरिक चिकित्सा पर पहले बी2बी वैश्विक सम्मेलन और एक्सपो का उद्घाटन करने बाद लोगों को संबोधित कर रहे थे। उद्घाटन समारोह में 17 एससीओ (4 वर्चुअल) देशों और भागीदारों के 150 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

उद्घाटन समारोह में केंद्रीय आयुष राज्यमंत्री डॉ. महेंद्रभाई मुंजपारा, म्यांमार के स्वास्थ्य मंत्री डॉ थेट खिंग विन व मालदीव के उप स्वास्थ्य मंत्री सफिया मोहम्मद सईद आयुष सचिव वैद्य राजेश कोटेचा और समेत आयुष मंत्रालय के कई अधिकारियों की भी उपस्थिति रही।
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इस मौके पर केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. महेंद्रभाई मुंजपारा ने कहा, भारत आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्ध, सोवा-रिग्पा और होम्योपैथी की शिक्षा और पद्धतियों की गुणवत्ता पर बहुत जोर देता है। आयुष उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए कई नियामक प्रावधान और मान्यता तंत्र मौजूद हैं। भारत ने उनके प्रशिक्षण, अनुसंधान और सुरक्षा को सुनिश्चित करते हुए चिकित्सा की पारंपरिक प्रणालियों और पश्चिमी चिकित्सा पद्धति को एकीकृत करने के लिए देश की "एकीकृत चिकित्सा नीति" विकसित करने का बीड़ा उठाया है।

पारंपरिक चिकित्सा म्यांमार की विरासत: स्वास्थ्यमंत्री
इस अवसर पर म्यांमार के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. थेट खिंग विन ने कहा, म्यांमार में पारंपरिक दवाओं को एक अमूल्य राष्ट्रीय विरासत माना जाता रहा है। हमारी संस्कृति में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। पारंपरिक दवाओं की बढ़ती मांग को देखते हुए हम तरह से पारंपरिक दवाओं के विकास में सहयोग कर रहे हैं।

आय का मुख्य स्रोत हुआ करती थी पारंपरिक दवाएं: सईद
मालदीव के उप स्वास्थ्य मंत्री सफिया मोहम्मद सईद ने कहा, कैसे पारंपरिक दवाएं लाखों लोगों के लिए आय का मुख्य स्रोत हुआ करती थीं, खासकर विकासशील देशों के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए। उन्होंने सर्वोत्तम प्रथाओं की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि वर्तमान में हमारे पास उद्योग की सहायता के लिए कानूनी ढांचे और दिशानिर्देशों का अभाव है।

17 देशों के 150 से अधिक प्रतिनिधि ले रहे हैं हिस्सा
इस कार्यक्रम में भारत सहित 17 देशों के 150 से अधिक प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं, जिसमें उच्च स्तरीय प्रतिनिधि जैसे स्वास्थ्य मंत्री, आधिकारिक प्रतिनिधि और एससीओ एवं भागीदार देशों के विदेशी खरीदार शामिल हैं। इसमें 13 देशों के कुल 75 विदेशी अधिकारी और व्यापार प्रतिनिधि फिजिकल मोड में भाग ले रहे हैं। चीन, उज्बेकिस्तान, किर्गिस्तान, कजाकिस्तान के आधिकारिक प्रतिनिधि वर्चुअली शामिल हुए।

दो दिवसीय इस सम्मेलन में एससीओ व भागीदार देशों से फार्माकोपिया, गुणवत्ता की गारंटी और अनुसंधान, हर्बल अर्क, न्यूट्रास्यूटिकल्स आदि सहित पारंपरिक चिकित्सा उत्पादों एवं पद्धतियों के विनियामक ढांचे पर निर्माताओं और आपूर्तिकर्ताओं से विस्तृत प्रस्तुति और विचार-विमर्श हुआ। इस अवसर पर विशिष्ट उत्पाद-वार, निर्यात और आयात के अवसरों पर चर्चा करने और एससीओ देशों में बढ़ी हुई बाजार पहुंच के साथ गहन आर्थिक साझेदारी के लिए 'अपने खरीदार को जानें' और 'बी2बी बैठक' जैसे महत्वपूर्ण सत्रों की भी योजना बनाई गई है।

पारंपरिक चिकित्सा पर चार दिवसीय एक्सपो का भी उद्घाटन किया गया है। एक्सपो में आयुष उद्योग के साथ-साथ विदेशी पारंपरिक चिकित्सा उद्योग/निर्यातक/आयातक भी अपने उत्पादों और सेवाओं का प्रदर्शन कर रहे हैं। इस एक्सपो का उद्देश्य पारंपरिक चिकित्सा में व्यापार के अवसरों को खोलना है। आयुष मंत्रालय के संस्थानों/परिषदों ने अपनी उपलब्धियों को प्रदर्शित करने के लिए मंडप में स्टॉल लगाए हैं।
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