कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए इस बात की पूरी संभावना है कि कल समाप्त हो रहा 21 दिनों का लॉकडाउन आगे भी जारी रहेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसे लेकर कल सुबह 10 बजे देश को संबोधित करेंगे। इस बीच एक सर्वे में कहा गया है कि जनता भी लॉकडाउन को दो सप्ताह के लिए बढ़ाने के पक्ष में हैं।
आर्थिक नीतियों से संबंधित शोध संस्था नेशनल काउंसिल ऑफ एप्लाइड इकोनॉमिक रिसर्च (एनसीएईआर) ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि देश में ज्यादातर लोग कई मोर्चे पर दिक्कतों का सामना करने के बावजूद लॉकडाउन को दो सप्ताह और बढ़ाने के पक्ष में हैं। यह सर्वे तीन से छह अप्रैल के बीच दिल्ली में करवाया गया था।
इस कोरोना वायरस टेलीफोन सर्वेक्षण (डीसीवीटीएस) में कुल 1,750 लोगों की प्रतिक्रिया ली गई। इसमें लगभग 29.3 फीसदी लोगों ने कहा कि उनके परिवार भोजन, खाना पकाने के सामान और ईंधन की कमी का सामना कर रहे हैं। लॉकडाउन के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मालूम हो कि 25 मार्च से देशभर में 21 दिनों का लॉकडाउन जारी है। लॉकडाउन कार्यक्रम के मुताबिक यह 14 अप्रैल को खत्म हो रहा है। अभी तक सात राज्यों में लॉकडाउन को 30 अप्रैल तक के लिए बढ़ा दिया गया है।
सर्वे में कहा गया, ‘कठिनाइयों और चुनौतियों का सामना करने के बावजूद जवाब देने वाले लोगों ने बहुमत के साथ लॉकडाउन की अवधि को बढ़ाने के विचार का समर्थन किया। 86.7 फीसदी लोगों ने 14 अप्रैल के बाद और दो हफ्ते के लिए लॉकडाउन बढ़ाने के पक्ष में राय जाहिर की। वहीं, 62.5 फीसदी लोगों ने विस्तार का जोरदार समर्थन किया, जबकि 24.2 फीसदी लोग मोटे तौर पर इसके पक्ष में थे।’
एनसीएईआर के मुताबिक सर्वे से इस बात का पता चलता है कि इस बीमारी की भयावहता और सामाजिक दूरी के महत्व को लोग अच्छी तरह समझ रहे हैं। सर्वेक्षण में कहा गया कि ग्रामीण क्षेत्र में 32.6 फीसदी परिवारों ने और शहरी क्षेत्र में 25.3 फीसदी परिवारों ने प्रतिबंध से जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति में कमी का अनुभव महसूस किया।