केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में महिलाओं के अधिकार को आधार बनाकर तीन तलाक का विरोध करने का फैसला किया है। सरकार ने इसे अपरिहार्य करार दिया और कहा है कि तीन तलाक के मसले को समान नागरिक संहिता के नजरिये से नहीं देखा जाना चाहिए।
सूत्रों ने बताया कि इस महीने के अंत तक कानून मंत्रालय इस मसले पर ठोस जवाब दाखिल कर देगा। इस मसले पर गृह, वित्त और महिला व बाल विकास जैसे मंत्रालयों के साथ सलाह-मशविरे के बाद यह फैसला किया गया।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हमें इस मसले को समान नागरिक संहिता के नजरिये से नहीं देखना चाहिए। हमें महिलाओं के अधिकार के संदर्भ में बात करने की जरूरत है। हमारा जवाब केवल अधिकारों को लेकर होगा।