पूर्व केंद्रीय मंत्री व वरिष्ठ कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा है कि कुपोषण से श्योपुर जिले में 62 बच्चों की मौत हो चुकी हैं और 200 से अधिक बच्चे भर्ती हैं, राज्य सरकार अभी भी गहरी नींद में है। उन्होंने कहा कि वह इस मामले को देशभर में उठाएंगे। रविवार को जिला चिकित्सालय श्योपुर में कुपोषण के शिकार बच्चों और उनके परिवारीजनों से मिलने के बाद पूर्व मंत्री सिंधिया ने पत्रकारों से कहा कि प्रदेश सरकार केवल भाषण और स्लोगन पर चल रही है, जमीन पर कोई काम नहीं है। इतने बच्चों की मौत के बाद भी जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग चुप्पी साधे हैं।
उन्होंने कहा कि कराहल ब्लॉक में घर-घर में बच्चे कुपोषण के शिकार हैं। सरकार को यहां तुरंत काम करना चाहिए अन्यथा स्थिति और भी अधिक भयावह हो सकती है। सिंधिया ने कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और महिला बाल विकास मंत्री मेनका गांधी को यहां आकर स्थिति देखनी चाहिए।
सिंधिया ने इस मामले में जेपीसी (ज्वाइंट पालियामेंट्री कमेटी) के मामले में पूछे गए सवाल पर कहा कि इस मामले में वह आगे देखेंगे।