ताजमहल पर टिकट खरीदकर फोटोग्राफी करने के आदेश ने पूरी व्यवस्था ही बिगाड़ दी। चार साल तक एक से डेढ़ हजार फोटोग्राफरों के प्रवेश से बिगड़ी व्यवस्था को सुधारने की कवायद अब फिर से होने वाली है। एएसआई ने पुराना लाइसेंसी फोटोग्राफरों का सिस्टम फिर लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने फोटोग्राफी लाइसेंस की व्यवस्था शुरू करने के लिए 12 मई को अधिसूचना जारी की है। इसमें कहा है कि पुरातत्व अधिकारी द्वारा दिए गए लाइसेंस के बिना किसी भी सामान की फेरी लगाना, बेचना या आर्थिक लाभ के लिए फोटो लेना निषिद्ध है।
2012 में एएसआई ने ही लाइसेंस राज को खत्म कर किसी को भी टिकट खरीदकर फोटोग्राफी करने की अनुमति दी थी। इसके बाद फोटोग्राफरों का आतंक ताज पर शुरू हो गया। अव्यवस्थाओं की खबरें दिल्ली पहुंची तो फिर से लाइसेंस सिस्टम ही लागू करने की नीति बन रही है।
अधिसूचना जारी करने के एक महीने के अंदर सुझाव और आपत्तियां मांगे गए हैं। यानी अगले महीने जून में अधिसूचना लागू हो जाएगी और जुलाई से लाइसेंस की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।