भारतीय वायुसेना के एक अधिकारी पर आधिकारिक गोपनीयता कानून (ओएसए) के तहत आरोप लगाए गए हैं। वायुसेना की काउंटर इंटेलीजेंस शाखा ने ग्रुप कैप्टन को जासूसी में लिप्त रहने और गोपनीय दस्तावेज लीक करने के आरोप में हिरासत में लेकर पुलिस के हवाले कर दिया है।
सूत्रों ने बताया कि वायुसेना मुख्यालय में तैनात ग्रुप कैप्टन से दस दिन तक पूछताछ करने के बाद बुधवार को दिल्ली पुलिस के हवाले किया गया है। अधिकारी पर व्हाट्सएप के जरिये एक महिला को विशेष दस्तावेज लीक करने का आरोप है। आरोप है कि ग्रुप कैप्टन की उस महिला से
सोशल मीडिया के जरिये ही दोस्ती हुई थी। यह भी जांच की जा रही है कि ग्रुप कैप्टन कहीं
पाकिस्तान द्वारा बड़े पैमाने पर चलाई जा रही जासूसी मुहिम का हिस्सा तो नहीं हैं।
वायुसेना के अधिकारियों ने हालांकि इस मामले पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया लेकिन सूत्रों का कहना है कि ग्रुप कैप्टन अनधिकृत इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज के जरिये कई अवांछित गतिविधियों में लिप्त थे। अधिकारी की पहचान को गोपनीय रखा गया है। यदि उन पर आरोप साबित हो जाते हैं तो उन्हें सात साल तक की जेल हो सकती है।