कांग्रेस पार्टी के राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों के 17 दिसम्बर को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में दो पूर्व प्रधानमंत्रियों सहित दर्जनों विपक्षी नेता दिखाई देंगे। 2019 के लिए मोदी के खिलाफ विपक्षी मोर्चा मजबूत करने में जुटी कांग्रेस पार्टी ने अपने मुख्यमंत्रियों का शपथ ग्रहण समारोह बिलकुल कर्नाटक की तर्ज पर आयोजित करने की योजना बनाई है। इसके अलावा ज्योतिरादित्य सिंधिया तीनों शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे।
एचडी कुमारस्वामी ने जब कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी तो उसमें यूपीए के तमाम सहयोगियों के अलावा कई अन्य विपक्षी नेता भी एक मंच पर दिखे थे। सोमवार को होने जा रहे शपथ ग्रहण में पूर्व पीएम डॉ. मनमोहन सिंह, एचडी देवेगौडा, राहुल गांधी, मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू और एचडी कुमार स्वामी सहित कई दूसरे कद्दावर नेता शिरकत करेंगे।
कांग्रेस पार्टी के सूत्रों का कहना है कि विपक्ष के तमाम बड़े नेताओं को तीनों राज्यों के शपथ ग्रहण समारोह में आने का निमंत्रण भेजा गया है। इनमें लोकतांत्रिक जनता दल के शरद यादव, राष्ट्रीय जनता दल के तेजस्वी यादव, डीएमके के एमके स्टालिन और कनिमोई, नेशनल कांफ्रेंस के फारूक अब्दुल्ला, झारखंड मुक्ति मोर्चा के हेमंत सोरेन, ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फरंट के बदरूद्दीन, यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव, बसपा सुप्रीमों मायावती और जन विकास मोर्चा के बाबूलाल मरांडी, आदि नेता शामिल हैं।
इन सभी नेताओं को तीनों राज्यों के शपथ ग्रहण समारोह में आने का न्यौता भेजा गया है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बैनर्जी ने अपने प्रतिनिधि को शपथ ग्रहण समारोह में भेजने की बात कही है। दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल का अभी तय नहीं है कि वे शपथ ग्रहण में शामिल होंगे या नहीं।