उत्तर प्रदेश में चल रहे चुनावी दंगल के बीच एक चौकाने वाली बात सामने आई है। एक रिपोर्ट में यह पता चला है कि उत्तर प्रदेश में 2016 में साम्प्रदायिक हिंसा के मामले बढ़े हैं। गृह राज्यमंत्री किरण रिजिजू ने लोकसभा में दिए लिखित बयान में कहा कि उत्तरप्रदेश में वर्ष 2016 में 2015 के मुकाबले साम्प्रदायिक हिंसा के मामलों में बढ़ोत्तरी हुई है।
बयान में रिजिजू ने बताया कि 2015 में उत्तर प्रदेश में साम्प्रदायिक हिंसा के मामले 155 थे जबकि 2016 में इन मामलों की संख्या बढ़कर 162 हो गई।
रिपोर्ट में बताया गया है कि देश में पिछले साल के तुलना में 2016 में साम्प्रदायिक हिंसा के मामलों में कमी आई है। हालांकि यह सभी मामले सीधे तौर पर राजनीति से जुड़े हुए नहीं हैं। मणिपुर और पंजाब में भी साम्प्रदायिक हिंसा के मामलों में बढ़ोत्तरी देखने को मिली है। मणिपुर में पिछले साल सात मामले सामने आए हैं। इससे पहले मणिपुर में इस प्रकार के एक भी मामले नहीं थे।
दुसरी ओर पंजाब में एक मामला सामने आया है। 2014 और 2015 में पंजाब से इस प्रकार की हिंसा का कोई मामला सामने नहीं आया था। गोवा और उत्तराखंड में भी कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है।
2015 में देशभर में साम्प्रदायिक हिंसा के 751 मामले सामने आए थे। जिसमें 97 लोगों की मौत हुई थी जबकि 2264 लोग घायल हुए थे। वहीं 2016 में इन मामलों में कमी देखने को मिली। 2016 में 703 मामले सामने आए थे। जिसमें 86 लोगों की जान गई जबकि 2321 लोग घायल हुए।
Statement by MoS Home, Kiren Rijiju in LS replying to a question on communal incidents. In UP 162 incidents in 2016, 155 in 2015. pic.twitter.com/WfzXl8mx2N
— ANI (@ANI_news) February 7, 2017