केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने आज कहा कि 15 से 18 वर्ष की उम्र तक के 80 फीसदी लोगों को कोरोना वैक्सीन की पहली डोज दी जा चुकी है। एक रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार सुबह 7 बजे तक भारत में दी गई कोविड वैक्सीन खुराक की कुल संख्या 192.52 करोड़ से अधिक थी। 12-14 वर्ष के आयु वर्ग के लिए कोविड-19 टीकाकरण 16 मार्च को शुरू किया गया था और अब तक इस आयु वर्ग के 3.30 करोड़ से अधिक किशोरों को पहली खुराक दी जा चुकी है। भारत ने तीन जनवरी से 15-18 वर्ष के आयु वर्ग के लोगों का टीकाकरण शुरू किया था। अब तक इस आयु वर्ग के 5.92 करोड़ लाभार्थियों को पहली खुराक दी जा चुकी है।
पिछले साल 16 जनवरी को शुरू हुआ था अभियान
डॉ. मंडाविया ने ट्वीट किया, युवा भारत दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहा है। 15-18 आयु वर्ग के 80 प्रतिशत से अधिक युवाओं ने कोविड-19 वैक्सीन की पहली खुराक प्राप्त की है। देश भर में टीकाकरण अभियान पिछले साल 16 जनवरी को शुरू किया गया था, जिसमें पहले चरण में स्वास्थ्य कर्मियों को टीका लगाया गया था। फ्रंटलाइन वर्कर्स का टीकाकरण पिछले साल 2 फरवरी से शुरू हुआ था। कोविड -19 टीकाकरण का अगला चरण पिछले साल 1 मार्च को 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों और 45 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों के लिए निर्दिष्ट पहले से रोगग्रस्त स्थितियों के साथ शुरू हुआ था।
1 मई 2021 से 18 साल से ऊपर लोगों का टीकाकरण
45 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोगों के लिए टीकाकरण पिछले साल 1 अप्रैल से शुरू हुआ था। सरकार ने तब टीकाकरण अभियान के दायरे का विस्तार करने का फैसला किया, जिसमें पिछले साल 1 मई से 18 साल से ऊपर के सभी लोगों को टीका लगाने की अनुमति दी गई थी। 15-18 वर्ष की आयु के किशोरों का टीकाकरण 3 जनवरी को शुरू हुआ। भारत ने 10 जनवरी से स्वास्थ्य देखभाल और फ्रंटलाइन वर्कर्स व 60 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों को टीकों की एहतियाती खुराक देना शुरू किया था। देश ने 16 मार्च से 12-14 वर्ष की आयु के बच्चों को टीका लगाना शुरू किया था। साथ ही 60 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोगों को कोविड वैक्सीन की एहतियाती खुराक के लिए पात्र बनाने वाले पहले से रोगी क्लॉज को भी हटा दिया था। इसके साथ ही देश ने 10 अप्रैल को 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोगों को कोविड-19 टीकों की एहतियाती खुराक देना शुरू किया था।